अपराध
मऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के पास नींबू-नारियल मिलने का वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के पास तंत्र-मंत्र जैसी सामग्री मिलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के पास नारियल, नींबू और अन्य सामग्री रखे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस अज्ञात व्यक्ति की पहचान करने और घटना से जुड़े तथ्यों की गहन जांच में जुटी है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर जमीन पर रखी हुई दिखाई दे रही है। तस्वीर के आसपास नारियल, नींबू और नारंगी रंग के पाउडर जैसी सामग्री नजर आ रही है, जिसे सोशल मीडिया पर कथित तंत्र-मंत्र या काले जादू से जोड़कर साझा किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे स्थित एक स्थान की है।
इस मामले में दोहरीघाट थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस घटना से संबंधित सामग्री, वीडियो के स्रोत और इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास कर रही है। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी मदद ली जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि तस्वीर और सामग्री वहां किसने रखी थी और इसके पीछे का उद्देश्य क्या था। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इन तथ्यों का खुलासा हो सकेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वायरल वीडियो के आधार पर किसी पर भी आरोप लगाने से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
सोशल मीडिया पर प्रसारित इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर जमीन पर रखी हुई दिखाई दे रही है। तस्वीर के आसपास नारियल, नींबू और नारंगी रंग के पाउडर जैसी सामग्री नजर आ रही है, जिसे सोशल मीडिया पर कथित तंत्र-मंत्र या काले जादू से जोड़कर साझा किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे स्थित एक स्थान की है।
इस मामले में दोहरीघाट थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस घटना से संबंधित सामग्री, वीडियो के स्रोत और इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास कर रही है। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी मदद ली जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि तस्वीर और सामग्री वहां किसने रखी थी और इसके पीछे का उद्देश्य क्या था। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इन तथ्यों का खुलासा हो सकेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वायरल वीडियो के आधार पर किसी पर भी आरोप लगाने से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।