Local
मध्यप्रदेश में आपदा मित्र प्रशिक्षण के चौथे दिन 125 स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण
सोनाघाटी कैंप में आयोजित आपदा मित्र योजना के द्वितीय सत्र के चौथे दिन 26 अक्टूबर को 125 स्वयंसेवकों को आपदाओं से बचाव और राहत कार्यों की जानकारी दी गई।
मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग एवं मध्यप्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार होमगार्ड लाइन सोनाघाटी कैंप में आपदा मित्र योजना के अंतर्गत 23 से 29 अक्टूबर तक सात दिवसीय द्वितीय सत्र का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के चौथे दिन 26 अक्टूबर को 125 आपदा मित्र स्वयंसेवकों को विभिन्न आपदाओं से बचाव एवं राहत कार्यों की जानकारी दी गई। स्वयंसेवकों को हवाई हमले की मॉक ड्रिल का अभ्यास कराया गया और ड्रोन हमले से संबंधित जानकारी भी दी गई।
आपदा के विभिन्न प्रकारों, बचाव के तरीकों तथा भगदड़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के उपाय बताए गए। मंदिरों, मेलों, रैलियों एवं अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भगदड़ की स्थिति में सावधानी बरतने, भीड़ के साथ नियंत्रित गति से आगे बढ़ने तथा दोनों हाथों को सामने बॉक्सिंग की स्थिति में रखकर छाती के आसपास जगह बनाए रखने की जानकारी दी गई। इसके अलावा, भीड़ में कोई सामान गिर जाने पर उसे उठाने का प्रयास न करने सहित अन्य सुरक्षा उपायों के बारे में बताया गया।
इस दौरान सुनीता पन्द्रे, जे.एल. कोठारी कंपनी कमांडर, एएसआई बीरन सिंह कुशराम, एएसआई बलिराम सरयाम तथा एसडीईआरएफ के जवानों द्वारा आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के चौथे दिन 26 अक्टूबर को 125 आपदा मित्र स्वयंसेवकों को विभिन्न आपदाओं से बचाव एवं राहत कार्यों की जानकारी दी गई। स्वयंसेवकों को हवाई हमले की मॉक ड्रिल का अभ्यास कराया गया और ड्रोन हमले से संबंधित जानकारी भी दी गई।
आपदा के विभिन्न प्रकारों, बचाव के तरीकों तथा भगदड़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के उपाय बताए गए। मंदिरों, मेलों, रैलियों एवं अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भगदड़ की स्थिति में सावधानी बरतने, भीड़ के साथ नियंत्रित गति से आगे बढ़ने तथा दोनों हाथों को सामने बॉक्सिंग की स्थिति में रखकर छाती के आसपास जगह बनाए रखने की जानकारी दी गई। इसके अलावा, भीड़ में कोई सामान गिर जाने पर उसे उठाने का प्रयास न करने सहित अन्य सुरक्षा उपायों के बारे में बताया गया।
इस दौरान सुनीता पन्द्रे, जे.एल. कोठारी कंपनी कमांडर, एएसआई बीरन सिंह कुशराम, एएसआई बलिराम सरयाम तथा एसडीईआरएफ के जवानों द्वारा आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।