📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amitabha Gupta
नौकरी
मेटरनिटी बेनिफिट एक्ट ने कॅजुअल व दैनिक वेतन कर्मचारियों को भी लाभ दिया
✍️ Verdictum
🗓 29 अक्टू. 2026, 01:50 AM
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एक हालिया कानूनी स्पष्टीकरण ने बताया कि कॅजुअल, दैनिक वेतन या गेस्ट अनुबंध पर काम करने वाली महिलाओं को भी मातृत्व लाभ मिलेंगे।
वर्डिक्टम पर प्रकाशित एक कानूनी राय ने स्पष्ट किया है कि मातृत्व लाभ अधिनियम कॅजुअल, दैनिक वेतन या गेस्ट आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को बाहर नहीं करता। इस व्याख्या के अनुसार इन कर्मचारियों को नियमित अनुबंध वाले कर्मचारियों के समान मातृत्व सुरक्षा का अधिकार है।
अधिनियम के तहत सभी पात्र महिला कर्मचारियों को 26 हफ्ते तक वेतन सहित मातृत्व अवकाश, चिकित्सा भत्ता और नौकरी की सुरक्षा मिलती है। इस स्पष्टिकरण से नियोक्ता केवल रोजगार की अस्थायी प्रकृति के कारण इन लाभों से इनकार नहीं कर सकते।
अनौपचारिक क्षेत्र के नियोक्ताओं को अब कॅजुअल और दैनिक वेतन कर्मचारियों को अधिनियम के तहत पंजीकृत करना और अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। यह निर्णय लाखों महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा कवरेज में विस्तार करने की उम्मीद दिलाता है, विशेषकर कम कौशल और गिग अर्थव्यवस्था के कामगारों के लिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय हालिया संशोधनों के साथ मेल खाता है, जिसका उद्देश्य श्रम अधिकारों को सुदृढ़ करना और कार्यस्थल में लैंगिक असमानता को कम करना है।
अधिनियम के तहत सभी पात्र महिला कर्मचारियों को 26 हफ्ते तक वेतन सहित मातृत्व अवकाश, चिकित्सा भत्ता और नौकरी की सुरक्षा मिलती है। इस स्पष्टिकरण से नियोक्ता केवल रोजगार की अस्थायी प्रकृति के कारण इन लाभों से इनकार नहीं कर सकते।
अनौपचारिक क्षेत्र के नियोक्ताओं को अब कॅजुअल और दैनिक वेतन कर्मचारियों को अधिनियम के तहत पंजीकृत करना और अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। यह निर्णय लाखों महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा कवरेज में विस्तार करने की उम्मीद दिलाता है, विशेषकर कम कौशल और गिग अर्थव्यवस्था के कामगारों के लिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय हालिया संशोधनों के साथ मेल खाता है, जिसका उद्देश्य श्रम अधिकारों को सुदृढ़ करना और कार्यस्थल में लैंगिक असमानता को कम करना है।