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11 Oct 2026•
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मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए DYFI–SFI का विशाल मशाल जुलूस

मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए DYFI–SFI का विशाल मशाल जुलूस

✍️ Reporter: Khaja Hussain 🗓 11 Oct 2026, 06:42 AM 👁 13
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**जालहल्ली | ब्रेकिंग न्यूज़**

# मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए DYFI–SFI का विशाल मशाल जुलूस

**SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग; मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन**

**जालहल्ली, 10 अक्टूबर:** मतदान के अधिकारों की रक्षा करने, विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को रद्द करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग को लेकर शनिवार शाम जालहल्ली में DYFI और SFI संगठनों के नेतृत्व में विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान छात्र-युवा आंदोलनों को दबाने की केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया गया।

कस्बे के श्री लक्ष्मी रंगनाथ मंदिर से शुरू हुआ मशाल जुलूस अंबेडकर सर्कल तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए “वोट चोर गद्दी छोड़”, “ज्ञानेश कुमार को पद से हटाओ” और “SIR प्रक्रिया रद्द करो” जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए CPI(M) के जिला सचिव नरसन्ना नायक, कांग्रेस नेता एवं RDCC बैंक के निदेशक राजशेखर नायक, कांग्रेस के राज्य समन्वयक एवं अधिवक्ता वेणुगोपाल गौड़ा, राज वासुदेव नायक, गिरियप्पा पुजारी, एच.पी. बसवराज, पंपापति और शब्बीर ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की।

नेताओं ने कहा कि मतदान लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण अधिकार है और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण पारदर्शी एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

नेताओं ने आशंका जताई कि SIR प्रक्रिया के कारण आम नागरिकों, गरीबों, मजदूरों और वंचित समुदायों के मतदान अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की त्रुटियों को सुधारने के नाम पर पात्र मतदाताओं के नाम नहीं हटाए जाने चाहिए। प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के वोट का विशेष महत्व है। मतदान के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय छात्र-युवा आंदोलनों को दबाने का प्रयास करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। नेताओं ने केंद्र सरकार से लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने, SIR प्रक्रिया को वापस लेने तथा चुनाव आयोग से किसी भी दबाव के बिना निष्पक्ष रूप से कार्य करने की मांग की।

नेताओं ने चेतावनी दी कि मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए छात्र और युवा संगठन अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

कार्यक्रम का संचालन DYFI नेता राजू नायक ने किया। प्रदर्शन में कांग्रेस के नेताओं, अधिवक्ताओं तथा DYFI, SFI और KPRS संगठनों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं सहित कई लोग उपस्थित थे।

**रिपोर्ट: खाजा हुसैन बाबा, जालहल्ली**
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