Crime
मशरूम हाट के नाम पर पर ठगी करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार
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मुजफरपुर पुलिस ने मशरूम उत्पादन और मशरूम हाट के नाम पर लोगो से करोड़ों कि ठगी करने वाला मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया
मुजफरपुर से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
मशरूम हाट के नाम पर 2.67 करोड़ की धोखाधड़ी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर में मशरूम उत्पादन और मशरूम हाट के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी आशुतोष मंगलम अपनी बहन शिवांगी के साथ मिलकर फर्जी तरीके से कंपनी बनाकर लोगों को मशरूम उत्पादन के जरिए मोटी कमाई का झांसा देता था।
अब तक की जांच में पांच मामलों में करीब 2 करोड़ 67 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। वहीं, इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
मुजफ्फरपुर में मशरूम उत्पादन और मशरूम हाट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल आशुतोष मंगलम, थाना काजी मोहम्मदपुर, को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसकी बहन शिवांगी ने Smart Gravity Agrotech Pvt. Ltd. के माध्यम से लोगों को मशरूम उत्पादन के लिए Smart Hut स्थापित कराने और उससे नियमित आमदनी का भरोसा दिलाकर पैसे लिए।
पीड़ित जीविका दीदी और उसके पति ने बताया कि लोगों को बताया जाता था कि Smart Hut का निर्माण 90 से 120 दिनों में पूरा कर उसे ऑपरेशनल कर दिया जाएगा। इसके साथ मशीनरी और रॉ मटेरियल उपलब्ध कराने तथा उत्पादन प्रभावित होने की स्थिति में बैंक की किस्त तक चुकाने का आश्वासन दिया जाता था।
संभावित ग्राहकों को हर महीने 11 से 13 हजार रुपये तक लाभ देने और विभिन्न इंश्योरेंस फीस के भुगतान का भी भरोसा दिलाया जाता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने PMEGP, PM-SME और बिहार हॉर्टिकल्चर मिशन की मशरूम कल्टीवेशन योजना के तहत ऋण और सब्सिडी लेकर निवेश किया, जबकि कुछ लोगों ने निजी तौर पर भी पैसा लगाया।
वहीं, बोचहां और मुशहरी इलाके में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 60-60 जीविका दीदियों के नाम पर बिहार ग्रामीण बैंक से क्रमशः करीब 1 करोड़ 18 लाख 58 हजार रुपये और 72 लाख 67 हजार रुपये का ऋण निकलवाकर धोखाधड़ी करने का आरोप है।इन मामलों में बोचहां थाना कांड संख्या 225/25 और मुशहरी थाना कांड संख्या 219/25 दर्ज की गई थी।
इसके अलावा सरैया थाना क्षेत्र में एक महिला से मशरूम हाट बनवाने के नाम पर 21 लाख रुपये लेने और बाद में दिए गए चार चेक के बाउंस होने का मामला भी सामने आया। इस मामले में सरैया थाना कांड संख्या 52/26 दर्ज किया गया।
सभी मामलों की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार किया।
मुजफ्फरपुर के ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि जांच में मुजफ्फरपुर के अलावा सीमावर्ती जिलों सीतामढ़ी और गोपालगंज में भी इसी तरह की धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है।आरोपी द्वारा सोशल मीडिया और जीविका के माध्यम से संभावित ग्राहकों से संपर्क किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
मशरूम हाट के नाम पर 2.67 करोड़ की धोखाधड़ी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर में मशरूम उत्पादन और मशरूम हाट के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी आशुतोष मंगलम अपनी बहन शिवांगी के साथ मिलकर फर्जी तरीके से कंपनी बनाकर लोगों को मशरूम उत्पादन के जरिए मोटी कमाई का झांसा देता था।
अब तक की जांच में पांच मामलों में करीब 2 करोड़ 67 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। वहीं, इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
मुजफ्फरपुर में मशरूम उत्पादन और मशरूम हाट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल आशुतोष मंगलम, थाना काजी मोहम्मदपुर, को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसकी बहन शिवांगी ने Smart Gravity Agrotech Pvt. Ltd. के माध्यम से लोगों को मशरूम उत्पादन के लिए Smart Hut स्थापित कराने और उससे नियमित आमदनी का भरोसा दिलाकर पैसे लिए।
पीड़ित जीविका दीदी और उसके पति ने बताया कि लोगों को बताया जाता था कि Smart Hut का निर्माण 90 से 120 दिनों में पूरा कर उसे ऑपरेशनल कर दिया जाएगा। इसके साथ मशीनरी और रॉ मटेरियल उपलब्ध कराने तथा उत्पादन प्रभावित होने की स्थिति में बैंक की किस्त तक चुकाने का आश्वासन दिया जाता था।
संभावित ग्राहकों को हर महीने 11 से 13 हजार रुपये तक लाभ देने और विभिन्न इंश्योरेंस फीस के भुगतान का भी भरोसा दिलाया जाता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने PMEGP, PM-SME और बिहार हॉर्टिकल्चर मिशन की मशरूम कल्टीवेशन योजना के तहत ऋण और सब्सिडी लेकर निवेश किया, जबकि कुछ लोगों ने निजी तौर पर भी पैसा लगाया।
वहीं, बोचहां और मुशहरी इलाके में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 60-60 जीविका दीदियों के नाम पर बिहार ग्रामीण बैंक से क्रमशः करीब 1 करोड़ 18 लाख 58 हजार रुपये और 72 लाख 67 हजार रुपये का ऋण निकलवाकर धोखाधड़ी करने का आरोप है।इन मामलों में बोचहां थाना कांड संख्या 225/25 और मुशहरी थाना कांड संख्या 219/25 दर्ज की गई थी।
इसके अलावा सरैया थाना क्षेत्र में एक महिला से मशरूम हाट बनवाने के नाम पर 21 लाख रुपये लेने और बाद में दिए गए चार चेक के बाउंस होने का मामला भी सामने आया। इस मामले में सरैया थाना कांड संख्या 52/26 दर्ज किया गया।
सभी मामलों की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार किया।
मुजफ्फरपुर के ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि जांच में मुजफ्फरपुर के अलावा सीमावर्ती जिलों सीतामढ़ी और गोपालगंज में भी इसी तरह की धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है।आरोपी द्वारा सोशल मीडिया और जीविका के माध्यम से संभावित ग्राहकों से संपर्क किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।