📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
मनोज बजपेई ने OTT पर महिलाओं‑केन्द्रित बॉलीवुड फिल्मों को बढ़ावा देने की अपील की
✍️ Dailyhunt
🗓 01 नव. 2026, 05:11 AM
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व veteran अभिनेता मनोज बजपेई ने Dailyhunt को बताया कि OTT प्लेटफ़ॉर्म को महिलाओं‑केन्द्रित बॉलीवुड फिल्मों को बढ़ावा देना चाहिए।
मनोज बजपेई, जो गैंस ऑफ़ वासेपुर और द फॅमिली मॅन जैसी फ़िल्मों व वेब‑सीरीज़ में अपनी दमदार अदाकारी के लिए जाने जाते हैं, ने Dailyhunt के साथ एक साक्षात्कार में भारतीय मनोरंजन के वर्तमान परिदृश्य पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि ओवर‑द‑टॉप (OTT) प्लेटफ़ॉर्म ने पारंपरिक सिनेमा से परे नई कहानी कहने के अवसर खोले हैं।
बजपेई ने यह स्वीकार किया कि डिजिटल कंटेंट में वृद्धि हुई है, परन्तु महिलाओं‑केन्द्रित प्रोजेक्ट अभी भी समान दृश्यता नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश प्रमुख रिलीज़ अभी भी पुरुष नायकों को केंद्र में रखती हैं, जिससे महिला‑प्रधान कथाओं का विस्तार सीमित रहता है।
अभिनेता ने निर्माताओं और OTT क्यूरेटरों से अपील की कि वे ऐसी स्क्रिप्ट्स को सक्रिय रूप से खोजें और फंड करें जो महिलाओं को कहानी के केंद्र में रखें। उनका मानना है कि दर्शकों में मजबूत, सूक्ष्म महिला पात्रों की रुचि बढ़ रही है, और इस मांग को पूरा करने से दर्शक वर्ग विस्तृत हो सकता है।
बजपेई ने यह भी कहा कि महिलाओं‑केन्द्रित फ़िल्मों पर अधिक ध्यान बॉलीवुड की वैश्विक छवि को सुधार सकता है, जिससे भारतीय सिनेमा को अधिक समावेशी और प्रगतिशील दिखाया जा सके। उन्होंने सभी उद्योग भागीदारों से सहयोग की माँग की कि ऐसी कहानियों को मुख्यधारा की स्क्रीन पर लाया जाए।
अंत में, बजपेई ने कहा कि महिलाओं‑केन्द्रित कंटेंट की बढ़ती मांग को वास्तविक अवसरों में बदलने के लिए सभी हितधारकों की निरंतर प्रतिबद्धता आवश्यक है।
बजपेई ने यह स्वीकार किया कि डिजिटल कंटेंट में वृद्धि हुई है, परन्तु महिलाओं‑केन्द्रित प्रोजेक्ट अभी भी समान दृश्यता नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश प्रमुख रिलीज़ अभी भी पुरुष नायकों को केंद्र में रखती हैं, जिससे महिला‑प्रधान कथाओं का विस्तार सीमित रहता है।
अभिनेता ने निर्माताओं और OTT क्यूरेटरों से अपील की कि वे ऐसी स्क्रिप्ट्स को सक्रिय रूप से खोजें और फंड करें जो महिलाओं को कहानी के केंद्र में रखें। उनका मानना है कि दर्शकों में मजबूत, सूक्ष्म महिला पात्रों की रुचि बढ़ रही है, और इस मांग को पूरा करने से दर्शक वर्ग विस्तृत हो सकता है।
बजपेई ने यह भी कहा कि महिलाओं‑केन्द्रित फ़िल्मों पर अधिक ध्यान बॉलीवुड की वैश्विक छवि को सुधार सकता है, जिससे भारतीय सिनेमा को अधिक समावेशी और प्रगतिशील दिखाया जा सके। उन्होंने सभी उद्योग भागीदारों से सहयोग की माँग की कि ऐसी कहानियों को मुख्यधारा की स्क्रीन पर लाया जाए।
अंत में, बजपेई ने कहा कि महिलाओं‑केन्द्रित कंटेंट की बढ़ती मांग को वास्तविक अवसरों में बदलने के लिए सभी हितधारकों की निरंतर प्रतिबद्धता आवश्यक है।