📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
शिक्षा
MANIT भोपाल ने लघु उद्योग भारती के साथ तकनीक‑स्थानांतरण समझौता किया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 28 अग. 2026, 06:39 PM
👁 4
MANIT भोपाल और लघु उद्योग भारती ने प्रयोगशाला‑निर्मित तकनीक को एमएसएमई तक पहुँचाने और छात्रों को इंटर्नशिप व उद्योग‑आधारित परियोजनाएँ देने के लिए समझौता किया है।
मध्य प्रदेश के बोधपाल स्थित मैनिट (MANIT) और लघु उद्योग भारती ने हाल ही में एक समझौता किया है, जिसके तहत विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों को माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज़ (MSME) तक पहुँचाया जाएगा। इस समझौते पर वरिष्ठ प्रोफेसरों और उद्योग प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए, जिससे शैक्षणिक नवाचार और व्यावसायिक उपयोग के बीच की दूरी कम करने का इरादा स्पष्ट हुआ।
समझौते के तहत मैनिट में तैयार किए गए प्रोटोटाइप और वैध तकनीकों को भागीदारी करने वाले MSME को व्यावसायिक रूप से लागू करने की अनुमति मिलेगी। इससे छोटे निर्माताओं को व्यापक अनुसंधान एवं विकास (R&D) खर्च किए बिना नवीन समाधान मिलेंगे, जिससे उत्पाद विकास की गति तेज होगी।
इस सहयोग का एक महत्वपूर्ण पहलू छात्रों के लिए इंटर्नशिप और उद्योग‑आधारित परियोजनाओं की व्यवस्था है। छात्र सीधे MSME के उत्पादन माहौल में काम करके व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्रीय उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन का पूल तैयार होगा।
यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर उद्योग‑शिक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है, जहाँ तेज़ तकनीकी अपनाना प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए आवश्यक है। दोनों पक्ष इस समझौते से स्थानीय व्यवसायों को ठोस लाभ और अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल स्थापित होने की उम्मीद कर रहे हैं।
समझौते के तहत मैनिट में तैयार किए गए प्रोटोटाइप और वैध तकनीकों को भागीदारी करने वाले MSME को व्यावसायिक रूप से लागू करने की अनुमति मिलेगी। इससे छोटे निर्माताओं को व्यापक अनुसंधान एवं विकास (R&D) खर्च किए बिना नवीन समाधान मिलेंगे, जिससे उत्पाद विकास की गति तेज होगी।
इस सहयोग का एक महत्वपूर्ण पहलू छात्रों के लिए इंटर्नशिप और उद्योग‑आधारित परियोजनाओं की व्यवस्था है। छात्र सीधे MSME के उत्पादन माहौल में काम करके व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्रीय उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन का पूल तैयार होगा।
यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर उद्योग‑शिक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है, जहाँ तेज़ तकनीकी अपनाना प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए आवश्यक है। दोनों पक्ष इस समझौते से स्थानीय व्यवसायों को ठोस लाभ और अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल स्थापित होने की उम्मीद कर रहे हैं।