📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
टेक्नोलॉजी
ManipurTech Innovation Foundation ने 23 सितंबर को 'रीइमैजिनिंग मणिपुर' हैकाथॉन का आयोजन किया
✍️ e-pao.net
🗓 19 सित. 2026, 11:01 AM
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ManipurTech Innovation Foundation 23 सितंबर 2026 को 'रीइमैजिनिंग मणिपुर' हैकाथॉन आयोजित करेगा, जिसमें तकनीकी प्रतिभागी राज्य की समस्याओं के समाधान पेश करेंगे।
ManipurTech Innovation Foundation ने "रीइमैजिनिंग मणिपुर" नामक हैकाथॉन 23 सितंबर 2026 को आयोजित करने की घोषणा की है। यह कार्यक्रम डेवलपर, डिजाइनर और नवाचारकों को एक साथ लाकर राज्य की सामाजिक‑आर्थिक समस्याओं के तकनीकी समाधान तैयार करने के लिए प्रेरित करेगा। प्रतिभागी एक दिन में टीमों में काम करेंगे और ऐसे प्रोटोटाइप प्रस्तुत करेंगे जिन्हें राज्य स्तर पर लागू किया जा सके।
यह प्रतियोगिता छात्रों, पेशेवरों और स्टार्ट‑अप्स को भारत भर से आमंत्रित करती है, विशेष रूप से मणिपुर के बुनियादी ढाँचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्रों से जुड़े समाधान पर ध्यान केंद्रित करती है। शैक्षणिक, उद्योग और सरकारी प्रतिनिधियों से बनी जजिंग पैनल प्रस्तुतियों को व्यवहारिकता, प्रभाव और नवीनता के आधार पर मूल्यांकित करेगी।
आयोजकों का लक्ष्य उत्तर‑पूर्व में तकनीकी प्रतिभा का एक समुदाय बनाना और ऐसे प्रोजेक्ट्स को उत्पन्न करना है जिन्हें राज्य एजेंसियों के सहयोग से पायलट किया जा सके। विजेताओं को मेंटरशिप, शुरुआती फंडिंग और संभावित साझेदारी के अवसर मिलेंगे।
यह पहल मणिपुर की डिजिटल परिवर्तन रणनीति के साथ मेल खाती है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र‑विशिष्ट चुनौतियों को सुलझाने के लिए स्थानीय विशेषज्ञता का उपयोग करना है।
यह प्रतियोगिता छात्रों, पेशेवरों और स्टार्ट‑अप्स को भारत भर से आमंत्रित करती है, विशेष रूप से मणिपुर के बुनियादी ढाँचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्रों से जुड़े समाधान पर ध्यान केंद्रित करती है। शैक्षणिक, उद्योग और सरकारी प्रतिनिधियों से बनी जजिंग पैनल प्रस्तुतियों को व्यवहारिकता, प्रभाव और नवीनता के आधार पर मूल्यांकित करेगी।
आयोजकों का लक्ष्य उत्तर‑पूर्व में तकनीकी प्रतिभा का एक समुदाय बनाना और ऐसे प्रोजेक्ट्स को उत्पन्न करना है जिन्हें राज्य एजेंसियों के सहयोग से पायलट किया जा सके। विजेताओं को मेंटरशिप, शुरुआती फंडिंग और संभावित साझेदारी के अवसर मिलेंगे।
यह पहल मणिपुर की डिजिटल परिवर्तन रणनीति के साथ मेल खाती है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र‑विशिष्ट चुनौतियों को सुलझाने के लिए स्थानीय विशेषज्ञता का उपयोग करना है।