📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ciências_sociais.png: *Nuvola_apps_edu_miscellaneo
शिक्षा
मणिपुर के प्रोफेसर ने आठ वर्ष चल रहे पर्यावरणीय अभियान का नेतृत्व किया
✍️ India Today NE
🗓 18 जुल. 2026, 12:33 PM
👁 6
मणिपुर के एक प्रोफेसर ने आठ वर्ष चल रहे पर्यावरणीय अभियान का नेतृत्व किया, छात्रों और स्थानीय समुदायों को क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए जुटाया।
मणिपुर के एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने आठ वर्ष चल रहे पर्यावरणीय अभियान का नेतृत्व किया है, जिससे कक्षा के पाठों को सामुदायिक कार्रवाई में बदला गया। यह पहल स्थानीय जैव विविधता पर एक शोध परियोजना के रूप में शुरू हुई और तब से हजारों छात्रों, शिक्षकों और निवासियों को संरक्षण गतिविधियों में शामिल कर रही है।
इस अभियान का मुख्य लक्ष्य नदी पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा, क्षतिग्रस्त भूमि का पुनर्वनीकरण और सतत प्रथाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा है। प्रोफेसर के अनुसार, इस परियोजना से पानी की गुणवत्ता में सुधार और मूल पौधों की प्रजातियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इस कार्य को राज्य प्राधिकरणों और पर्यावरणीय एनजीओ से मान्यता मिली है, जो इसे शैक्षणिक शोध को आधारभूत सक्रियता के साथ जोड़ने के मॉडल के रूप में उद्धृत करते हैं। अभियान आगे बढ़ता जा रहा है, और आने वाले महीनों में जलवायु लचीलापन पर नए कार्यशालाओं की शुरुआत की योजना है।
इस अभियान का मुख्य लक्ष्य नदी पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा, क्षतिग्रस्त भूमि का पुनर्वनीकरण और सतत प्रथाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा है। प्रोफेसर के अनुसार, इस परियोजना से पानी की गुणवत्ता में सुधार और मूल पौधों की प्रजातियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इस कार्य को राज्य प्राधिकरणों और पर्यावरणीय एनजीओ से मान्यता मिली है, जो इसे शैक्षणिक शोध को आधारभूत सक्रियता के साथ जोड़ने के मॉडल के रूप में उद्धृत करते हैं। अभियान आगे बढ़ता जा रहा है, और आने वाले महीनों में जलवायु लचीलापन पर नए कार्यशालाओं की शुरुआत की योजना है।