📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
राजनीति
मनिपुर सरकार ने जनगणना से पहले एनआरसी पर ज़ोर दिया, प्रदर्शनकारियों से धैर्य की अपील
✍️ indiatoday.in
🗓 04 अक्टू. 2026, 11:01 AM
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मनिपुर सरकार ने बताया कि वह आगामी जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदर्शनकारियों से समय देने की अपील की।
मनिपुर राज्य सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को आगामी जनगणना से पहले अंतिम रूप देना अत्यावश्यक है और इस दिशा में वह पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। अधिकारियों का कहना है कि सटीक जनसंख्या आँकड़े प्राप्त करने के लिए एनआरसी को पहले पूरा करना आवश्यक है।
सरकार ने एनआरसी के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे प्रक्रिया को समय दें और सरकार को आवश्यक अवधि प्रदान करें। उन्होंने बताया कि यह कदम राज्य में चल रहे नागरिकता विवादों को सुलझाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विभिन्न समुदायों की चिंताओं को स्वीकार करते हुए, सरकार ने कहा कि एनआरसी को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और मौजूदा कानूनी ढाँचे के अनुसार लागू किया जाएगा। नई समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया, परन्तु प्रक्रिया के आगे बढ़ने पर नियमित अपडेट देने का आश्वासन दिया गया।
यह बयान उत्तरपूर्वी क्षेत्र में बढ़ती संवेदनशीलता के बीच आया है, जहाँ नागरिकता सत्यापन कई वर्षों से विवाद का विषय रहा है। राज्य सुरक्षा पहलुओं और निवासियों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाते हुए जनगणना की तैयारी कर रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि सरकार की इस दृढ़ स्थिति से अन्य राज्यों में भी एनआरसी संबंधी चर्चा प्रभावित हो सकती है, जिससे भारत के जनसांख्यिकीय डेटा संग्रह पर व्यापक राष्ट्रीय बहस को नया आयाम मिलेगा।
सरकार ने एनआरसी के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे प्रक्रिया को समय दें और सरकार को आवश्यक अवधि प्रदान करें। उन्होंने बताया कि यह कदम राज्य में चल रहे नागरिकता विवादों को सुलझाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विभिन्न समुदायों की चिंताओं को स्वीकार करते हुए, सरकार ने कहा कि एनआरसी को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और मौजूदा कानूनी ढाँचे के अनुसार लागू किया जाएगा। नई समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया, परन्तु प्रक्रिया के आगे बढ़ने पर नियमित अपडेट देने का आश्वासन दिया गया।
यह बयान उत्तरपूर्वी क्षेत्र में बढ़ती संवेदनशीलता के बीच आया है, जहाँ नागरिकता सत्यापन कई वर्षों से विवाद का विषय रहा है। राज्य सुरक्षा पहलुओं और निवासियों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाते हुए जनगणना की तैयारी कर रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि सरकार की इस दृढ़ स्थिति से अन्य राज्यों में भी एनआरसी संबंधी चर्चा प्रभावित हो सकती है, जिससे भारत के जनसांख्यिकीय डेटा संग्रह पर व्यापक राष्ट्रीय बहस को नया आयाम मिलेगा।