📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of Manipur
राजनीति
मणिपुर सरकार ने 32 कुकि-जो पीड़ितों को एक्स‑ग्रेसिया की घोषणा की
✍️ Hub News
🗓 31 अक्टू. 2026, 08:38 AM
👁 16
मणिपुर सरकार ने हालिया जातीय संघर्ष में मारे गए 32 कुकि-जो पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का वादा किया।
मणिपुर के मुख्य मंत्री कार्यालय ने बुधवार को कहा कि राज्य 32 कुकि‑जो समुदाय के उन सदस्यों के परिवारों को एक्स‑ग्रेसिया राशि प्रदान करेगा, जिन्हें हालिया जातीय संघर्ष में मार दिया गया था। यह राहत पैकेज सरकार की त्वरित सहायता योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देना है, जबकि घटना की जांच जारी है।
इन पीड़ितों की मौतें मणिपुर के पहाड़ी जिलों में कुकि‑जो समूहों और अन्य समुदायों के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के उभरने से हुईं। आधिकारिक तौर पर एक्स‑ग्रेसिया की राशि अभी घोषित नहीं की गई, परंतु अधिकारियों ने बताया कि यह भुगतान अगले कुछ हफ्तों में सामान्य कल्याण चैनलों के माध्यम से वितरित किया जाएगा।
राज्य के प्रतिनिधियों ने प्रभावित क्षेत्रों में शांति और व्यवस्था बहाल करने की प्रतिबद्धता दोहराई, सभी पक्षों से आगे के हिंसा को रोकने का आग्रह किया। यह घोषणा मणिपुर सरकार पर संघर्ष के मानवीय परिणामों को संबोधित करने और सबसे कमजोर वर्गों तक सहायता पहुँचाने के दबाव के बीच आई है।
मानवाधिकार संगठनों ने आर्थिक सहायता का स्वागत किया, परंतु संघर्ष के कारणों की पूरी जांच और जिम्मेदारों की जवाबदेही की भी मांग की। एक्स‑ग्रेसिया योजना को राज्य के विभिन्न जातीय समूहों के बीच भरोसा पुनर्स्थापित करने के व्यापक प्रयासों में एक कदम माना जा रहा है।
इन पीड़ितों की मौतें मणिपुर के पहाड़ी जिलों में कुकि‑जो समूहों और अन्य समुदायों के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के उभरने से हुईं। आधिकारिक तौर पर एक्स‑ग्रेसिया की राशि अभी घोषित नहीं की गई, परंतु अधिकारियों ने बताया कि यह भुगतान अगले कुछ हफ्तों में सामान्य कल्याण चैनलों के माध्यम से वितरित किया जाएगा।
राज्य के प्रतिनिधियों ने प्रभावित क्षेत्रों में शांति और व्यवस्था बहाल करने की प्रतिबद्धता दोहराई, सभी पक्षों से आगे के हिंसा को रोकने का आग्रह किया। यह घोषणा मणिपुर सरकार पर संघर्ष के मानवीय परिणामों को संबोधित करने और सबसे कमजोर वर्गों तक सहायता पहुँचाने के दबाव के बीच आई है।
मानवाधिकार संगठनों ने आर्थिक सहायता का स्वागत किया, परंतु संघर्ष के कारणों की पूरी जांच और जिम्मेदारों की जवाबदेही की भी मांग की। एक्स‑ग्रेसिया योजना को राज्य के विभिन्न जातीय समूहों के बीच भरोसा पुनर्स्थापित करने के व्यापक प्रयासों में एक कदम माना जा रहा है।