📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
राजनीति
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 15 दिनों में हथियार सौंपने का आदेश दिया, नहीं तो कार्रवाई
✍️ Deccan Herald
🗓 12 अग. 2026, 10:36 PM
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मणिपुर के मुख्यमंत्री ने घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों के सभी निवासियों को 15 दिनों के भीतर अवैध हथियार सौंपने का आदेश दिया है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यह कदम राज्य में सशस्त्र उग्रवाद को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा अभियान का हिस्सा है।
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने आज एक निर्देश जारी किया, जिसमें घाटी और पहाड़ी दोनों जिलों के सभी निवासियों को 15 दिनों के भीतर किसी भी अवैध हथियार को सौंपने का आदेश दिया गया। यह नोटिस राज्य मीडिया और स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से प्रसारित किया गया, जिसमें अनुपालन न करने पर कानूनी कार्रवाई और हथियारों की जब्ती का उल्लेख है।
यह कदम क्षेत्र में सशस्त्र समूहों से जुड़ी घटनाओं के बाद आया है, जिसके चलते राज्य सरकार ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्देश हथियारों के प्रसार को कम करने और आगे के संघर्षों को रोकने के उद्देश्य से है।
राज्य के हथियार अधिनियम के तहत बिना पंजीकृत आग्नेयास्त्रों का स्वामित्व दंडनीय अपराध है। मुख्यमंत्री का यह आदेश इस कानून को लागू करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
हथियार सौंपने वाले निवासियों को पुलिस द्वारा स्थापित निर्दिष्ट संग्रह बिंदुओं पर जाने का निर्देश दिया गया है। जो अनुपालन नहीं करते, उन्हें संबंधित प्रावधानों के तहत गिरफ्तारी और अभियोजन का सामना करना पड़ेगा।
यह कदम क्षेत्र में सशस्त्र समूहों से जुड़ी घटनाओं के बाद आया है, जिसके चलते राज्य सरकार ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्देश हथियारों के प्रसार को कम करने और आगे के संघर्षों को रोकने के उद्देश्य से है।
राज्य के हथियार अधिनियम के तहत बिना पंजीकृत आग्नेयास्त्रों का स्वामित्व दंडनीय अपराध है। मुख्यमंत्री का यह आदेश इस कानून को लागू करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
हथियार सौंपने वाले निवासियों को पुलिस द्वारा स्थापित निर्दिष्ट संग्रह बिंदुओं पर जाने का निर्देश दिया गया है। जो अनुपालन नहीं करते, उन्हें संबंधित प्रावधानों के तहत गिरफ्तारी और अभियोजन का सामना करना पड़ेगा।