📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wikiuser898
सरकारी योजना
मणिपुर ने कहा, केवल राहत नहीं, सतत आजीविका नीति की जरूरत
✍️ e-pao.net
🗓 18 जुल. 2026, 08:40 AM
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ई-पाो.नेट पर श्वेता वी के लेख में कहा गया है कि मणिपुर को केवल आपातकालीन राहत पर निर्भर रहने के बजाय एक समग्र आजीविका नीति अपनानी चाहिए।
ई-पाो.नेट पर श्वेता वी का लेख मणिपुर में बढ़ती चिंता पर प्रकाश डालता है: राहत उपायों पर वर्तमान ध्यान दीर्घकालिक विकास के लिए अपर्याप्त है।
लेखक बताते हैं कि आजीविका नीति से संरचित, सतत रोजगार के अवसर मिलेंगे, जबकि अस्थायी राहत केवल तात्कालिक जरूरतों को पूरा करती है।
वह नीति निर्माताओं से आग्रह करती हैं कि वे कौशल विकास, स्थानीय उद्योगों का समर्थन और रोजगार बाजारों का निर्माण करें, जिससे राज्य की बढ़ती कार्यबल को समायोजित किया जा सके।
लेख का निष्कर्ष है कि ऐसी नीति के बिना, मणिपुर सहायता पर निर्भरता जारी रखेगा और आर्थिक लचीलापन के अवसर खो देगा।
लेखक बताते हैं कि आजीविका नीति से संरचित, सतत रोजगार के अवसर मिलेंगे, जबकि अस्थायी राहत केवल तात्कालिक जरूरतों को पूरा करती है।
वह नीति निर्माताओं से आग्रह करती हैं कि वे कौशल विकास, स्थानीय उद्योगों का समर्थन और रोजगार बाजारों का निर्माण करें, जिससे राज्य की बढ़ती कार्यबल को समायोजित किया जा सके।
लेख का निष्कर्ष है कि ऐसी नीति के बिना, मणिपुर सहायता पर निर्भरता जारी रखेगा और आर्थिक लचीलापन के अवसर खो देगा।