📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / tushlalsan
स्थानीय
मंडला कलेक्टर ने पंचायत भवन की गड़बड़ी पर दी कड़ी चेतावनी, तीन दिन में सुधार नहीं तो जेल
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 24 अक्टू. 2026, 05:16 PM
👁 14
मंडला के जिला कलेक्टर ने स्थानीय अधिकारियों को पंचायत भवन में गड़बड़ी सुधारने के लिये तीन दिन का समय दिया, नहीं तो जेल की सजा का सामना करना पड़ेगा।
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में जिला कलेक्टर ने पंचायत भवन में पाई गई गड़बड़ियों को लेकर स्थानीय अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि इन irregularities को ठीक करने के लिये केवल तीन दिन का समय दिया गया है, नहीं तो जेल की सजा लागू होगी।
यह चेतावनी जिला मुख्यालय में आयोजित एक बैठक में दी गई, जिसमें भवन के निर्माण और रख‑रखाव में प्रक्रियात्मक उल्लंघन तथा सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की संभावनाओं को उजागर किया गया। अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर सुधार योजना और अनुपालन के प्रमाण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
कलेक्टर ने कहा, "तीन दिन का समय है तेरे पास, नहीं तो जेल में सड़ेगा," जिससे प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का इरादा स्पष्ट हुआ। यह कदम राज्य सरकार की ग्रामीण शासन में जवाबदेही बढ़ाने और भ्रष्टाचार को रोकने की व्यापक नीति के हिस्से के रूप में आया है।
मध्य प्रदेश प्रशासन ने पंचायत परियोजनाओं की व्यापक ऑडिट की योजना भी बताई है, जिससे भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोका जा सके। अब स्थानीय अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक सुधार करने होंगे, अन्यथा कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
यह चेतावनी जिला मुख्यालय में आयोजित एक बैठक में दी गई, जिसमें भवन के निर्माण और रख‑रखाव में प्रक्रियात्मक उल्लंघन तथा सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की संभावनाओं को उजागर किया गया। अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर सुधार योजना और अनुपालन के प्रमाण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
कलेक्टर ने कहा, "तीन दिन का समय है तेरे पास, नहीं तो जेल में सड़ेगा," जिससे प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का इरादा स्पष्ट हुआ। यह कदम राज्य सरकार की ग्रामीण शासन में जवाबदेही बढ़ाने और भ्रष्टाचार को रोकने की व्यापक नीति के हिस्से के रूप में आया है।
मध्य प्रदेश प्रशासन ने पंचायत परियोजनाओं की व्यापक ऑडिट की योजना भी बताई है, जिससे भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोका जा सके। अब स्थानीय अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक सुधार करने होंगे, अन्यथा कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।