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मैनटाउन में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में महिला शिक्षकों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण हेतु मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया
मैनटाउन के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी देवीलाल मीना ने महिला शिक्षकों को आत्मरक्षा के मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया, ताकि वे विद्यालय में छात्राओं को नियमित रूप से प्रशिक्षण दे सकें।
मैनटाउन के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में छह दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी देवीलाल मीना ने महिला शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करने के लिए निरीक्षण किया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसी क्षमताएँ प्रदान करना था, जिससे वे विद्यालय में छात्राओं को नियमित रूप से आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे सकें।
सीडीईओ ने प्रशिक्षण के दौरान अध्यापिकाओं के अभ्यास को देखा और आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की पहली प्राथमिकता है कि बच्चियों को विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण मिले। उन्होंने बताया कि आने-जाने के दौरान आने वाले मनचलों से बेटियाँ कैसे अपनी रक्षा कर सकती हैं।
प्रशिक्षण में सिखाए जा रहे हुनर को विद्यालयों में नियमित रूप से छात्राओं को दिया जाना चाहिए। सीडीईओ ने कहा कि केवल एक बार प्रशिक्षण देकर कार्यक्रम को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि हर सात दिन बाद एक बार अभ्यास अनिवार्य होना चाहिए। इस तरह बच्चियां किसी भी मुश्किल में फंसें तो अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकेंगी।
अंत में, सीडीईओ ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि वे अपने स्कूल की छात्राओं को गुड टच के बारे में जागरूक करें और उन्हें सुरक्षित रहने के उपाय सिखाएँ।
सीडीईओ ने प्रशिक्षण के दौरान अध्यापिकाओं के अभ्यास को देखा और आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की पहली प्राथमिकता है कि बच्चियों को विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण मिले। उन्होंने बताया कि आने-जाने के दौरान आने वाले मनचलों से बेटियाँ कैसे अपनी रक्षा कर सकती हैं।
प्रशिक्षण में सिखाए जा रहे हुनर को विद्यालयों में नियमित रूप से छात्राओं को दिया जाना चाहिए। सीडीईओ ने कहा कि केवल एक बार प्रशिक्षण देकर कार्यक्रम को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि हर सात दिन बाद एक बार अभ्यास अनिवार्य होना चाहिए। इस तरह बच्चियां किसी भी मुश्किल में फंसें तो अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकेंगी।
अंत में, सीडीईओ ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि वे अपने स्कूल की छात्राओं को गुड टच के बारे में जागरूक करें और उन्हें सुरक्षित रहने के उपाय सिखाएँ।