Crime
मैनपुरी: इंडस्ट्रियल कॉरिडोर मुआवजे के खाते से 4.80 लाख निकालने का लेखपाल पर आरोप, SDM ने की जांच का वादा
मैनपुरी के किशनी में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में से 4.80 लाख रुपये निकालने का आरोप लेखपाल पर लगा है। किसान की पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई है, जबकि SDM ने जांच के बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मैनपुरी के किशनी में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में से 4.80 लाख रुपये निकालने का आरोप लेखपाल पर लगा है। शमशेरगंज निवासी किसान अमूल दास की साढ़े तीन बीघा जमीन अधिग्रहित की गई थी, जिसके बदले उन्हें 59 लाख रुपये का मुआवजा मिला। उनकी पत्नी नीलम जाटव ने आरोप लगाया है कि शमशेरगंज के लेखपाल सत्येंद्र शाक्य ने मुआवजे की रकम दिलाने के लिए मैनपुरी शहर की एचडीएफसी बैंक शाखा में उनके खाता खुलवाया था, जिस दौरान लेखपाल ने कुछ चेक अपने पास रख लिए थे।
महिला के अनुसार, मुआवजे की रकम खाते में आने के बाद उन्हें 4.80 लाख रुपये निकलने का मैसेज मिला। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके नाम के चेक से ही रकम निकाली गई है। जब उन्होंने लेखपाल से पूछताछ की, तो उसने मुआवजे में से 8 लाख रुपये मांगने की बात कही। महिला का आरोप है कि लेखपाल के पास उनके दो खाली चेक अभी भी हैं, जिससे आशंका है कि भविष्य में भी रकम निकाली जा सकती है। विरोध करने पर लेखपाल उनके घर पहुंचा और वीडियो बनाने पर गाली-गलौज व अभद्रता की। शनिवार देर शाम महिला ने किशनी थाने में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
इस मामले पर लेखपाल सत्येंद्र शाक्य ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि किसान के जमीन के बैनामे में कुछ कमी रह गई थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद वह घर पर नोटिस देने गए थे। थानाध्यक्ष गगन कुमार गौड़ ने बताया कि महिला की शिकायत मिली है और जांच के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किशनी एसडीएम नवनीता राय ने कहा कि एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज के निर्माण के लिए मुआवजा वितरण में पूरी पारदर्शिता रखी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी लेखपाल ने मुआवजे में धन उगाही की है, तो इसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लेखपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महिला के अनुसार, मुआवजे की रकम खाते में आने के बाद उन्हें 4.80 लाख रुपये निकलने का मैसेज मिला। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके नाम के चेक से ही रकम निकाली गई है। जब उन्होंने लेखपाल से पूछताछ की, तो उसने मुआवजे में से 8 लाख रुपये मांगने की बात कही। महिला का आरोप है कि लेखपाल के पास उनके दो खाली चेक अभी भी हैं, जिससे आशंका है कि भविष्य में भी रकम निकाली जा सकती है। विरोध करने पर लेखपाल उनके घर पहुंचा और वीडियो बनाने पर गाली-गलौज व अभद्रता की। शनिवार देर शाम महिला ने किशनी थाने में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
इस मामले पर लेखपाल सत्येंद्र शाक्य ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि किसान के जमीन के बैनामे में कुछ कमी रह गई थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद वह घर पर नोटिस देने गए थे। थानाध्यक्ष गगन कुमार गौड़ ने बताया कि महिला की शिकायत मिली है और जांच के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किशनी एसडीएम नवनीता राय ने कहा कि एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज के निर्माण के लिए मुआवजा वितरण में पूरी पारदर्शिता रखी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी लेखपाल ने मुआवजे में धन उगाही की है, तो इसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लेखपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।