📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
अपराध
मोहीली में फेसबुक पर भैंस बेचने का दिखावा कर 1 लाख रुपये की ठगी
✍️ Amar Ujala · Mohali
🗓 04 अक्टू. 2026, 02:01 AM
👁 17
मोहीली पुलिस ने फेसबुक पर भैंस बेचने का दिखावा कर 1 लाख रुपये की ठगी करने वाले संदिग्ध को हिरासत में लिया।
मोहीली पुलिस ने सोमवार को बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है, जिस पर स्थानीय निवासी से 1 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। आरोपी ने फेसबुक पर भैंस बेचने का विज्ञापन पोस्ट किया, खरीदार से अग्रिम भुगतान ले लिया और पशु नहीं दिया।
अमर उजाला द्वारा प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित ने फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से विक्रेता से संपर्क किया, भैंस की तस्वीरें देखी और शीघ्र डिलीवरी का आश्वासन मिला। भुगतान बैंक ट्रांसफर के जरिए किया गया, परंतु भुगतान के बाद विक्रेता का कोई संपर्क नहीं रहा और विज्ञापन हटा दिया गया।
पुलिस ने धोखाधड़ी और साइबर अपराध से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब डिजिटल साक्ष्य के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है और जनता से अनुरोध किया गया है कि यदि उन्हें कोई सूचना हो तो पुलिस को सूचित करें।
यह घटना ग्रामीण और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में सोशल मीडिया के माध्यम से पशुधन व्यापार में बढ़ते धोखाधड़ी जोखिम को उजागर करती है। अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि विक्रेताओं की सत्यता आधिकारिक माध्यमों से जाँचें और बिना उचित दस्तावेज़ीकरण के सीधे बैंक ट्रांसफर या नकद भुगतान से बचें।
मोहाली साइबरक्राइम सेल इस मामले की जांच जारी रखेगी और एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई करेगी।
अमर उजाला द्वारा प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित ने फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से विक्रेता से संपर्क किया, भैंस की तस्वीरें देखी और शीघ्र डिलीवरी का आश्वासन मिला। भुगतान बैंक ट्रांसफर के जरिए किया गया, परंतु भुगतान के बाद विक्रेता का कोई संपर्क नहीं रहा और विज्ञापन हटा दिया गया।
पुलिस ने धोखाधड़ी और साइबर अपराध से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब डिजिटल साक्ष्य के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है और जनता से अनुरोध किया गया है कि यदि उन्हें कोई सूचना हो तो पुलिस को सूचित करें।
यह घटना ग्रामीण और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में सोशल मीडिया के माध्यम से पशुधन व्यापार में बढ़ते धोखाधड़ी जोखिम को उजागर करती है। अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि विक्रेताओं की सत्यता आधिकारिक माध्यमों से जाँचें और बिना उचित दस्तावेज़ीकरण के सीधे बैंक ट्रांसफर या नकद भुगतान से बचें।
मोहाली साइबरक्राइम सेल इस मामले की जांच जारी रखेगी और एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई करेगी।