📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Youth Affairs and Sports
अपराध
अलवर में आदमी को तमिलनाडु सीएम की नकली AI वीडियो बनाने के लिए गिरफ्तार, पाकिस्तान से जुड़ाव उजागर
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 16 सित. 2026, 03:00 PM
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राजस्थान के अलवर में पुलिस ने तमिलनाडु मुख्यमंत्री की नकली AI वीडियो बनाने के आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े होने का संकेत मिला।
राजस्थान के अलवर में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर तमिलनाडु मुख्यमंत्री की नकली AI वीडियो बनाने का आरोप है। जांच में पता चला कि वीडियो को स्थानीय कंप्यूटर से तैयार किया गया था और उसे सोशल मीडिया पर फैलाया गया था।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से तैयार की गई इस वीडियो में मुख्यमंत्री को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था, जिससे जनता में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह पूरी तरह से बनावटी है और इसका कोई वास्तविक आधार नहीं है।
जांच के दौरान यह भी उजागर हुआ कि आरोपी के कुछ संपर्क पाकिस्तान स्थित व्यक्तियों से थे, जिससे इस साइबर‑क्राइम में विदेशी जुड़ाव का संकेत मिला। राजस्थान पुलिस ने इस मामले को साइबर सेल को सौंप दिया है और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर संभावित बड़े खतरे का आकलन कर रही है।
अब आरोपी को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत झूठी डिजिटल सामग्री बनाने और विदेशी संपर्कों से जुड़ी धारा के तहत दायर किया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में ऐसी गहरी‑नकली (डिप‑फेक) गतिविधियों को कड़ी सज़ा दी जाएगी ताकि सार्वजनिक संवाद सुरक्षित रहे।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से तैयार की गई इस वीडियो में मुख्यमंत्री को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था, जिससे जनता में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह पूरी तरह से बनावटी है और इसका कोई वास्तविक आधार नहीं है।
जांच के दौरान यह भी उजागर हुआ कि आरोपी के कुछ संपर्क पाकिस्तान स्थित व्यक्तियों से थे, जिससे इस साइबर‑क्राइम में विदेशी जुड़ाव का संकेत मिला। राजस्थान पुलिस ने इस मामले को साइबर सेल को सौंप दिया है और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर संभावित बड़े खतरे का आकलन कर रही है।
अब आरोपी को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत झूठी डिजिटल सामग्री बनाने और विदेशी संपर्कों से जुड़ी धारा के तहत दायर किया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में ऐसी गहरी‑नकली (डिप‑फेक) गतिविधियों को कड़ी सज़ा दी जाएगी ताकि सार्वजनिक संवाद सुरक्षित रहे।