📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
राजनीति
ममता बैनर्जी ने शहीद दिवास में सड़क राजनीति में वापसी की
✍️ Deccan Herald
🗓 22 जुल. 2026, 07:48 AM
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शहीद दिवास के दौरान, मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने सड़क राजनीति में कदम रखा, जबकि टीएमसी के विद्रोही असफल रहे।
शहीद दिवास, भारतीय राष्ट्रीय सेना के शहीदों की याद में मनाया जाने वाला कार्यक्रम, 30 मई 2024 को कोलकाता में कई रैलियों के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सड़क पर कदम रखा और पार्टी कार्यकर्ताओं व नागरिकों के बड़े समूह को संबोधित किया।
बैनर्जी के भाषण में INA की विरासत और राज्य में एकता की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उन्होंने लोगों से पार्टी के विकास कार्यक्रम का समर्थन जारी रखने और शहीदों की याद को जीवित रखने का आग्रह किया।
इसके विपरीत, टीएमसी के कुछ विद्रोहियों ने पार्टी के नेतृत्व को चुनौती देने के लिए एक विरोध रैली का आयोजन किया, परंतु उनकी कोशिशें सफल नहीं रहीं और सुरक्षा बलों द्वारा रैली को जल्दी ही विघटित कर दिया गया।
इस कार्यक्रम ने ममता बैनर्जी की जमीनी राजनीति में सक्रिय भूमिका को उजागर किया और टीएमसी के भीतर आंतरिक असहमति को भी सामने लाया, जिसे पार्टी के नेतृत्व ने नियंत्रित करने की कोशिश की है।
बैनर्जी के भाषण में INA की विरासत और राज्य में एकता की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उन्होंने लोगों से पार्टी के विकास कार्यक्रम का समर्थन जारी रखने और शहीदों की याद को जीवित रखने का आग्रह किया।
इसके विपरीत, टीएमसी के कुछ विद्रोहियों ने पार्टी के नेतृत्व को चुनौती देने के लिए एक विरोध रैली का आयोजन किया, परंतु उनकी कोशिशें सफल नहीं रहीं और सुरक्षा बलों द्वारा रैली को जल्दी ही विघटित कर दिया गया।
इस कार्यक्रम ने ममता बैनर्जी की जमीनी राजनीति में सक्रिय भूमिका को उजागर किया और टीएमसी के भीतर आंतरिक असहमति को भी सामने लाया, जिसे पार्टी के नेतृत्व ने नियंत्रित करने की कोशिश की है।