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मालवन में 15 नवंबर को टंट्या मामा की ऐतिहासिक मूर्ति स्थापना
15 नवंबर को मालवन में टंट्या मामा की मूर्ति स्थापित करने का ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं।
मालवन में 15 नवंबर को टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना का ऐतिहासिक आयोजन निर्धारित किया गया है। यह कार्यक्रम स्थानीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रतीक माना जा रहा है।
मा की मूर्ति स्थापना की तैयारियां तेज! 🚩
आगामी 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती के पावन अवसर पर महामानव टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं भव्य स्वरूप देने के लिए आज तैयारी बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सेंधवा विधायक श्री मोंटू सोलंकी जी सहित ग्राम के पटेल, ग्राम डाहला, वारती, कोतवाल एवं आसपास के गांवों के प्रतिनिधि तथा आदिवासी समाज के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक में मंच, टेंट, सभा स्थल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा कर कार्यक्रम की जिम्मेदारियां तय की गईं।
इस अवसर पर विधायक श्री मोंटू सोलंकी जी एवम् अजय नरगावे ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी एवं महामानव टंट्या मामा जैसे महान जननायकों के संघर्ष, त्याग और बलिदान ने आदिवासी समाज को स्वाभिमान और अधिकारों के लिए लड़ने की प्रेरणा दी है। उन्होंने समस्त समा�
स्थापना की तैयारियां वर्तमान में तेज़ी से चल रही हैं।
कार्यक्रम में कई श्रद्धालु, स्थानीय नेता और सांस्कृतिक समूह भाग लेंगे, जिससे इस आयोजन की सामाजिक महत्ता और भी स्पष्ट होगी।
मा की मूर्ति स्थापना की तैयारियां तेज! 🚩
आगामी 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती के पावन अवसर पर महामानव टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं भव्य स्वरूप देने के लिए आज तैयारी बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सेंधवा विधायक श्री मोंटू सोलंकी जी सहित ग्राम के पटेल, ग्राम डाहला, वारती, कोतवाल एवं आसपास के गांवों के प्रतिनिधि तथा आदिवासी समाज के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक में मंच, टेंट, सभा स्थल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा कर कार्यक्रम की जिम्मेदारियां तय की गईं।
इस अवसर पर विधायक श्री मोंटू सोलंकी जी एवम् अजय नरगावे ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी एवं महामानव टंट्या मामा जैसे महान जननायकों के संघर्ष, त्याग और बलिदान ने आदिवासी समाज को स्वाभिमान और अधिकारों के लिए लड़ने की प्रेरणा दी है। उन्होंने समस्त समा�
स्थापना की तैयारियां वर्तमान में तेज़ी से चल रही हैं।
कार्यक्रम में कई श्रद्धालु, स्थानीय नेता और सांस्कृतिक समूह भाग लेंगे, जिससे इस आयोजन की सामाजिक महत्ता और भी स्पष्ट होगी।