📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
राजनीति
मैखुली के निवासियों ने 2022 सीमा समझौते पर मुख्यमंत्री से स्पष्टता मांगी
✍️ shillongtoday.com
🗓 22 सित. 2026, 05:46 AM
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मैखुली के लोगों ने 2022 के सीमा समझौते के बारे में मेघालय के मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण की मांग की है।
मेघालय के सीमा गाँव मैखुली में रहने वाले लोगों ने 2022 में किए गए सीमा समझौते के विवरण के बारे में राज्य के मुख्यमंत्री से स्पष्टता माँगी है। गाँववालों का कहना है कि समझौते की शर्तें उन्हें पूरी तरह से नहीं बताई गईं, जिससे जमीन के अधिकार और प्रशासनिक क्षेत्र को लेकर भ्रम उत्पन्न हुआ है।
स्थानीय नेताओं ने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने सीमांकन प्रक्रिया और उसके दैनिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों से जुड़े कई प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि स्पष्टता के बिना विवादों की संभावना बढ़ सकती है और विकास योजनाओं का सही कार्यान्वयन बाधित हो सकता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मांग को स्वीकार किया है और बताया कि आने वाले दिनों में विस्तृत ब्रीफ़िंग दी जाएगी। अधिकारियों ने 2022 के समझौते के दस्तावेज़ों की पुनः समीक्षा करने और गाँववालों को सही जानकारी प्रदान करने का आश्वासन भी दिया है।
यह पारदर्शिता की मांग मेघालय के कई सीमा क्षेत्रों में चल रही व्यापक चिंताओं को दर्शाती है, जहाँ ऐतिहासिक विवाद और ओवरलैपिंग दावे अक्सर प्रशासन को जटिल बनाते हैं। सभी पक्ष आशा कर रहे हैं कि स्पष्ट उत्तर मिलने से गाँववालों का भरोसा पुनः स्थापित होगा और प्रशासनिक कार्य सुगम हो जाएगा।
अब तक मुख्यमंत्री की ओर से कोई अतिरिक्त बयान नहीं आया है, और स्थानीय मीडिया इस स्थिति को बारीकी से देख रहे हैं।
स्थानीय नेताओं ने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने सीमांकन प्रक्रिया और उसके दैनिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों से जुड़े कई प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि स्पष्टता के बिना विवादों की संभावना बढ़ सकती है और विकास योजनाओं का सही कार्यान्वयन बाधित हो सकता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मांग को स्वीकार किया है और बताया कि आने वाले दिनों में विस्तृत ब्रीफ़िंग दी जाएगी। अधिकारियों ने 2022 के समझौते के दस्तावेज़ों की पुनः समीक्षा करने और गाँववालों को सही जानकारी प्रदान करने का आश्वासन भी दिया है।
यह पारदर्शिता की मांग मेघालय के कई सीमा क्षेत्रों में चल रही व्यापक चिंताओं को दर्शाती है, जहाँ ऐतिहासिक विवाद और ओवरलैपिंग दावे अक्सर प्रशासन को जटिल बनाते हैं। सभी पक्ष आशा कर रहे हैं कि स्पष्ट उत्तर मिलने से गाँववालों का भरोसा पुनः स्थापित होगा और प्रशासनिक कार्य सुगम हो जाएगा।
अब तक मुख्यमंत्री की ओर से कोई अतिरिक्त बयान नहीं आया है, और स्थानीय मीडिया इस स्थिति को बारीकी से देख रहे हैं।