📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
बिज़नेस
महाराष्ट्र तैयार करेगा भारत का पहला भूमि टोकनाइज़ेशन ढांचा, फडनवीस ने कहा
✍️ Business Standard
🗓 09 सित. 2026, 05:19 PM
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महाराष्ट्र सरकार भारत में पहली बार भूमि टोकनाइज़ेशन ढांचा लागू करने की तैयारी में है, फडनवीस ने बताया।
महाराष्ट्र ने भूमि टोकनाइज़ेशन ढांचा तैयार करने की योजना घोषित की है, जिससे संपत्ति रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में बदलकर ब्लॉकचेन‑आधारित सुरक्षित लेन‑देन संभव हो सकेगा। इस पहल को पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने देश में पहली बार कहा है, जिसका उद्देश्य जमीन के लेन‑देन को सरल बनाना और धोखाधड़ी को रोकना है।
राज्य के अधिकारियों द्वारा डिजिटल भूमि टोकन के निर्माण, स्थानांतरण और सत्यापन को नियंत्रित करने वाले नियामक दिशा‑निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। मंजूरी मिलने पर यह प्रणाली अन्य भारतीय राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है, जो अपनी भूमि‑रजिस्ट्री को आधुनिक बनाना चाहते हैं।
यह कदम सरकार की सार्वजनिक सेवाओं में उभरती तकनीकों को अपनाने की व्यापक रणनीति के अनुरूप है और महाराष्ट्र को फिनटेक व डिजिटल प्रशासन में अग्रणी बनाने की उसकी इच्छा को दर्शाता है।
भूमि मालिकों, बैंकों और रियल‑एस्टेट डेवलपर्स सहित विभिन्न हितधारकों से इस ढांचे को अंतिम रूप देने से पहले परामर्श किया जाएगा। कार्यान्वयन की समयसीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
बिजनेस स्टैंडर्ड ने इस विकास की रिपोर्ट की, जिसमें कहा गया कि यह ढांचा राज्य के संपत्ति बाजार में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ा सकता है।
राज्य के अधिकारियों द्वारा डिजिटल भूमि टोकन के निर्माण, स्थानांतरण और सत्यापन को नियंत्रित करने वाले नियामक दिशा‑निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। मंजूरी मिलने पर यह प्रणाली अन्य भारतीय राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है, जो अपनी भूमि‑रजिस्ट्री को आधुनिक बनाना चाहते हैं।
यह कदम सरकार की सार्वजनिक सेवाओं में उभरती तकनीकों को अपनाने की व्यापक रणनीति के अनुरूप है और महाराष्ट्र को फिनटेक व डिजिटल प्रशासन में अग्रणी बनाने की उसकी इच्छा को दर्शाता है।
भूमि मालिकों, बैंकों और रियल‑एस्टेट डेवलपर्स सहित विभिन्न हितधारकों से इस ढांचे को अंतिम रूप देने से पहले परामर्श किया जाएगा। कार्यान्वयन की समयसीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
बिजनेस स्टैंडर्ड ने इस विकास की रिपोर्ट की, जिसमें कहा गया कि यह ढांचा राज्य के संपत्ति बाजार में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ा सकता है।