📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Roh rane99
स्थानीय
महाराष्ट्र में पोरशीर बांध के विरोध में 2,400 एकड़ जंगल की रक्षा की मांग
✍️ Mid-Day
🗓 27 सित. 2026, 08:02 AM
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महाराष्ट्र के स्थानीय लोग पोरशीर बांध परियोजना के विरोध में जुटे हैं, क्योंकि उन्हें 2,400 एकड़ जंगल के नुकसान का डर है।
महाराष्ट्र के पोरशीर बांध के प्रस्तावित स्थल के पास गाँव वाले और पर्यावरण कार्यकर्ता एकत्र हुए और परियोजना के विरोध में दृढ़ आवाज़ उठाई। विरोधियों का कहना है कि बांध के जलाशय से लगभग 2,400 एकड़ जंगल डूब जाएगा, जिससे स्थानीय जैव विविधता और जंगल पर निर्भर समुदायों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी।
प्रदर्शन के आयोजकों ने बताया कि यह वन क्षेत्र एक बड़े पारिस्थितिक क्षेत्र का हिस्सा है, जो पास के बस्तियों को जल, ईंधन और गैर‑लकड़ी उत्पाद प्रदान करता है। उन्होंने राज्य सरकार से बांध की योजना को पुनः विचार करने या वैकल्पिक जल‑संग्रह उपाय अपनाने का अनुरोध किया, जिससे वन को नुकसान न हो।
अब तक राज्य अधिकारियों ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह विरोध क्षेत्र में बड़े‑पैमाने पर बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के पर्यावरणीय नुकसान को लेकर बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, प्रतिभागियों ने मराठी और हिंदी में पोस्टर पकड़े और जंगल की रक्षा की मांग करते हुए नारे लगाए।
आगे की मंजूरी से पहले अधिकारियों से उम्मीद है कि वे इन आपत्तियों की समीक्षा करेंगे।
प्रदर्शन के आयोजकों ने बताया कि यह वन क्षेत्र एक बड़े पारिस्थितिक क्षेत्र का हिस्सा है, जो पास के बस्तियों को जल, ईंधन और गैर‑लकड़ी उत्पाद प्रदान करता है। उन्होंने राज्य सरकार से बांध की योजना को पुनः विचार करने या वैकल्पिक जल‑संग्रह उपाय अपनाने का अनुरोध किया, जिससे वन को नुकसान न हो।
अब तक राज्य अधिकारियों ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर यह विरोध क्षेत्र में बड़े‑पैमाने पर बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के पर्यावरणीय नुकसान को लेकर बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, प्रतिभागियों ने मराठी और हिंदी में पोस्टर पकड़े और जंगल की रक्षा की मांग करते हुए नारे लगाए।
आगे की मंजूरी से पहले अधिकारियों से उम्मीद है कि वे इन आपत्तियों की समीक्षा करेंगे।