📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / shankar s.
राजनीति
महाराष्ट्र ने 13,000 मुंबई इमारतों के पुनर्विकास हेतु आवास अधिनियम संशोधन पारित किया
✍️ Hindustan Times
🗓 14 जुल. 2026, 03:48 PM
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महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई की 13,000 जर्जर इमारतों के पुनर्विकास को सुगम बनाने हेतु आवास अधिनियम में संशोधन किया, जिससे आवासीय ढाँचे में सुधार और जीवन स्तर में वृद्धि का लक्ष्य है।
महाराष्ट्र विधानमंडल ने महाराष्ट्र आवास अधिनियम में संशोधन पारित किया, जिसके तहत मुंबई की 13,000 जर्जर आवासीय और वाणिज्यिक इमारतों का पुनर्विकास संभव हो गया। इस संशोधन से डेवलपर्स को एक ही ढाँचे के तहत इन इमारतों के अधिकार प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल हो गई है।
नए अधिनियम के तहत डेवलपर्स को पुनर्विकास परमिट के लिए कई स्थानीय प्राधिकरणों से अनुमोदन लेने की आवश्यकता नहीं होगी। यह कानून उन इमारतों की पहचान के लिए स्पष्ट मानदंड निर्धारित करता है जो जर्जर मानी जाती हैं, जैसे सुरक्षा, संरचनात्मक अखंडता और अधिभोग मानक।
सरकार का अनुमान है कि इस पुनर्विकास से हजारों निवासियों को सुरक्षित आवास, आधुनिक सुविधाएँ और बेहतर बुनियादी ढाँचा मिलेगा। इसके अलावा, यह निर्माण नौकरियों के सृजन और रियल‑एस्टेट क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करेगा।
आवास बोर्ड ने बताया कि कार्यान्वयन अगले वित्तीय वर्ष से शुरू होगा और वर्तमान निवासियों पर न्यूनतम प्रभाव डालने के लिए चरणबद्ध दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। यह संशोधन मुंबई की पुरानी आवासीय संरचना से निपटने और शहर की बढ़ती आवास मांग को पूरा करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
नए अधिनियम के तहत डेवलपर्स को पुनर्विकास परमिट के लिए कई स्थानीय प्राधिकरणों से अनुमोदन लेने की आवश्यकता नहीं होगी। यह कानून उन इमारतों की पहचान के लिए स्पष्ट मानदंड निर्धारित करता है जो जर्जर मानी जाती हैं, जैसे सुरक्षा, संरचनात्मक अखंडता और अधिभोग मानक।
सरकार का अनुमान है कि इस पुनर्विकास से हजारों निवासियों को सुरक्षित आवास, आधुनिक सुविधाएँ और बेहतर बुनियादी ढाँचा मिलेगा। इसके अलावा, यह निर्माण नौकरियों के सृजन और रियल‑एस्टेट क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करेगा।
आवास बोर्ड ने बताया कि कार्यान्वयन अगले वित्तीय वर्ष से शुरू होगा और वर्तमान निवासियों पर न्यूनतम प्रभाव डालने के लिए चरणबद्ध दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। यह संशोधन मुंबई की पुरानी आवासीय संरचना से निपटने और शहर की बढ़ती आवास मांग को पूरा करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।