📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Globetrotter19
राजनीति
महाराष्ट्र के नेता थैकरै और पवार ने करजत में 32,490 पेड़ों की कटाई पर सरकार की निंदा की
✍️ Mid-Day
🗓 25 अक्टू. 2026, 09:16 AM
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राज्य मंत्री आदित्य थैकरै और रोहित पवार ने करजत में 32,490 पेड़ों की कटाई को लेकर महाराष्ट्र सरकार की निंदा की, इसे पर्यावरणीय नुकसान बताया।
महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य थैकरै और रोहित पवार ने सार्वजनिक मंचों पर करजत क्षेत्र में 32,490 पेड़ों की कटाई के फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस बड़े पैमाने पर हटाए जाने को पर्यावरणीय मानदंडों का उल्लंघन और स्थानीय पारिस्थितिकी के लिए नुकसान बताया।
दोनों नेताओं ने कहा कि करजत की वनाच्छादित भूमि जलभरण और जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इस कटाई से मिट्टी का कटाव और तापमान में वृद्धि जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्यवाही रोकने और हरित आवरण को संरक्षित रखने वाले वैकल्पिक विकास योजनाओं पर विचार करने का आग्रह किया।
अब तक सरकार ने इस आलोचना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक दबाव और जन आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने की उम्मीद है।
पर्यावरण संगठनों ने पहले भी पश्चिमी घाट में अनियंत्रित वृक्ष कटाई से पारिस्थितिक संतुलन को खतरा होने की चेतावनी दी थी, जिसे थैकरै और पवार ने अपने बयानों में दोहराया है।
दोनों नेताओं ने कहा कि करजत की वनाच्छादित भूमि जलभरण और जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इस कटाई से मिट्टी का कटाव और तापमान में वृद्धि जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्यवाही रोकने और हरित आवरण को संरक्षित रखने वाले वैकल्पिक विकास योजनाओं पर विचार करने का आग्रह किया।
अब तक सरकार ने इस आलोचना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक दबाव और जन आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने की उम्मीद है।
पर्यावरण संगठनों ने पहले भी पश्चिमी घाट में अनियंत्रित वृक्ष कटाई से पारिस्थितिक संतुलन को खतरा होने की चेतावनी दी थी, जिसे थैकरै और पवार ने अपने बयानों में दोहराया है।