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17 सित. 2026
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महाराष्ट्र ने 15 मुंबई DCP को किराया अधिनियम के तहत किरायेदार निष्कासन मामलों का अधिकार दिया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Udaykumar PR
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महाराष्ट्र ने 15 मुंबई DCP को किराया अधिनियम के तहत किरायेदार निष्कासन मामलों का अधिकार दिया

✍️ Mid-Day 🗓 17 सित. 2026, 01:01 PM 👁 11
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महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के 15 डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस को किराया अधिनियम के तहत किरायेदार निष्कासन मामलों को संभालने का अधिकार दिया, जिससे प्रक्रिया तेज होगी और लंबित मामलों का निवारण होगा।

महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि मुंबई के 15 डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) अब किराया अधिनियम के तहत किरायेदार निष्कासन मामलों को संभालने का अधिकार रखेंगे। इस कदम का उद्देश्य निष्कासन विवादों के निपटान को तेज करना और शहर के आवास क्षेत्र में लंबित मामलों के बैकलॉग को कम करना है।

किराया अधिनियम के अंतर्गत, मकान मालिक उन किरायेदारों को निष्कासित करने के लिए आवेदन कर सकते हैं जो पट्टा शर्तों का उल्लंघन करते हैं, परंतु प्रक्रिया धीमी रही है क्योंकि न्यायिक संसाधन सीमित हैं। DCP को सीधे अधिकार देकर, राज्य का लक्ष्य इस मामले को अधिक कुशल प्रशासनिक स्तर पर लाना है।

यह निर्णय मौजूदा निष्कासन प्रक्रियाओं की समीक्षा के बाद आया है, जिसमें देरी और प्रक्रियागत बाधाओं को उजागर किया गया था। अधिकारी कहते हैं कि नई शक्तियों से DCP एक संक्षिप्त सुनवाई के बाद निष्कासन आदेश जारी कर सकेंगे, जिससे मकान मालिकों को अपनी संपत्ति वापस पाने में लगने वाला समय कम होगा।

यह कदम महाराष्ट्र सरकार के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आवास शासन को बेहतर बनाना और किरायेदारों व मकान मालिकों को अत्यधिक न्यायालयीय हस्तक्षेप के बिना विवादों को सुलझाने में सक्षम बनाना है।
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