📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Eshshiv
बिज़नेस
महाराष्ट्र सरकार ने स्विगी, ज़ोमैटो, ज़ेप्टो को बाइक‑टैक्सी नियमों के अंतर्गत लाने पर विचार किया
✍️ business-standard.com
🗓 08 अग. 2026, 02:03 PM
👁 41
महाराष्ट्र सरकार स्विगी, ज़ोमैटो और ज़ेप्टो को बाइक‑टैक्सी नियमों के अंतर्गत लाने पर विचार कर रही है।
महाराष्ट्र सरकार ने स्विगी, ज़ोमैटो और ज़ेप्टो को बाइक‑टैक्सी नियमों के अंतर्गत लाने की संभावना पर विचार किया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य इन सेवाओं को पारंपरिक बाइक‑टैक्सी ऑपरेटरों के समान लाइसेंसिंग, सुरक्षा और किराया नियंत्रण मानकों के अंतर्गत लाना है।
वर्तमान ढांचे के तहत, बाइक‑टैक्सी चालकों को वैध लाइसेंस, सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन और सरकारी जारी परमिट प्रदर्शित करना अनिवार्य है। इन नियमों को डिलीवरी चालकों पर लागू करके, सरकार संचालन स्थितियों को मानकीकृत करने और उपभोक्ता संरक्षण को बेहतर बनाने की उम्मीद करती है।
यह निर्णय राज्य में डिलीवरी‑बाइक के तेज़ी से बढ़ते उपयोग के कारण सुरक्षा, किराया पारदर्शिता और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। अधिकारियों ने अभी तक कार्यान्वयन के लिए समयरेखा जारी नहीं की है, परंतु आने वाले हफ्तों में एक औपचारिक अधिसूचना की उम्मीद है।
उद्योग के विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम तीनों प्लेटफार्मों के व्यापार मॉडल को प्रभावित कर सकता है, जो वर्तमान में अलग-अलग नियामक ढांचों के अंतर्गत काम करते हैं। कंपनियों ने अभी तक इस प्रस्ताव पर टिप्पणी नहीं की है।
वर्तमान ढांचे के तहत, बाइक‑टैक्सी चालकों को वैध लाइसेंस, सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन और सरकारी जारी परमिट प्रदर्शित करना अनिवार्य है। इन नियमों को डिलीवरी चालकों पर लागू करके, सरकार संचालन स्थितियों को मानकीकृत करने और उपभोक्ता संरक्षण को बेहतर बनाने की उम्मीद करती है।
यह निर्णय राज्य में डिलीवरी‑बाइक के तेज़ी से बढ़ते उपयोग के कारण सुरक्षा, किराया पारदर्शिता और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। अधिकारियों ने अभी तक कार्यान्वयन के लिए समयरेखा जारी नहीं की है, परंतु आने वाले हफ्तों में एक औपचारिक अधिसूचना की उम्मीद है।
उद्योग के विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम तीनों प्लेटफार्मों के व्यापार मॉडल को प्रभावित कर सकता है, जो वर्तमान में अलग-अलग नियामक ढांचों के अंतर्गत काम करते हैं। कंपनियों ने अभी तक इस प्रस्ताव पर टिप्पणी नहीं की है।