📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Phadke09
कृषि
महाराष्ट्र सरकार ने किसान कर्ज माफी के लिए 4,000 करोड़ रुपये आवंटित किए
✍️ Amar Ujala · Maharashtra
🗓 30 अक्टू. 2026, 09:31 AM
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राज्य कैबिनेट ने 4,000 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की, जिससे महाराष्ट्र के किसानों के कृषि ऋण माफ़ किए जाएंगे।
मुंबई, 30 अक्टूबर — महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के बकाया कृषि ऋण माफ़ करने के लिए 4,000 crore रुपये का पैकेज मंजूर किया। यह योजना कैबिनेट बैठक के दौरान घोषित की गई, जिसका उद्देश्य राज्य के कृषि समुदाय पर गहरा ऋण बोझ कम करना है।
इस माफी के तहत, बैंकों और सहकारी संस्थाओं से 5 लाख रुपये तक के ऋण वाले किसान पूरी तरह से राहत पाएंगे, जबकि अधिक ऋण वाले किसानों को आय के आधार पर आंशिक माफी दी जा सकती है। अधिकारी बताते हैं कि अगले दो महीनों में मौजूदा बैंकिंग चैनलों के माध्यम से यह कार्यान्वयन होगा।
राज्य के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को पुनर्जीवित करने और किसान तनाव को रोकने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। जबकि घोषणा के समय वरिष्ठ राजनेताओं की सार्वजनिक उपस्थिति भी देखी गई, मुख्य ध्यान कृषि क्षेत्र को वित्तीय राहत देने पर रहा।
वित्त मंत्रालय ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे ऋण रिकॉर्ड की जांच करें और माफी वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँचे। फंड के दुरुपयोग को रोकने के लिए तृतीय‑पक्षीय ऑडिट सहित निगरानी तंत्र स्थापित किए जाएंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि 4,000 crore रुपये का यह आवंटन एक महत्वपूर्ण राजकोषीय प्रतिबद्धता दर्शाता है, जो आगामी राज्य चुनावों से पहले कृषि चुनौतियों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया को दर्शाता है।
इस माफी के तहत, बैंकों और सहकारी संस्थाओं से 5 लाख रुपये तक के ऋण वाले किसान पूरी तरह से राहत पाएंगे, जबकि अधिक ऋण वाले किसानों को आय के आधार पर आंशिक माफी दी जा सकती है। अधिकारी बताते हैं कि अगले दो महीनों में मौजूदा बैंकिंग चैनलों के माध्यम से यह कार्यान्वयन होगा।
राज्य के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को पुनर्जीवित करने और किसान तनाव को रोकने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। जबकि घोषणा के समय वरिष्ठ राजनेताओं की सार्वजनिक उपस्थिति भी देखी गई, मुख्य ध्यान कृषि क्षेत्र को वित्तीय राहत देने पर रहा।
वित्त मंत्रालय ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे ऋण रिकॉर्ड की जांच करें और माफी वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँचे। फंड के दुरुपयोग को रोकने के लिए तृतीय‑पक्षीय ऑडिट सहित निगरानी तंत्र स्थापित किए जाएंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि 4,000 crore रुपये का यह आवंटन एक महत्वपूर्ण राजकोषीय प्रतिबद्धता दर्शाता है, जो आगामी राज्य चुनावों से पहले कृषि चुनौतियों के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया को दर्शाता है।