📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sanket Oswal
कृषि
महाराष्ट्र में दुष्काळ से जनावरों की सुरक्षा खतरे में, किसानों की बड़ी कठिनाई
✍️ News18 Marathi
🗓 02 नव. 2026, 12:32 PM
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महाराष्ट्र में तीव्र दुष्काळ ने जनावरों को पानी और चारे की कमी से जूझते देखा, किसान लगातार मेहनत कर नुकसान रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
महाराष्ट्र में चल रहे दुष्काळ ने पानी और चराई की उपलब्धता को घटा दिया है, जिससे राज्य के पशुधन को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि कई पशु निर्जलीकरण और पोषण की कमी से जूझ रहे हैं, इसलिए उन्हें बचाने के लिए त्वरित कदम उठाने पड़े हैं।
संकट से निपटने के लिए किसान टैंकरों और सामुदायिक कुओं जैसे वैकल्पिक जल स्रोतों का सहारा ले रहे हैं और सीमित चारे को बाँट‑बाँट कर उपयोग कर रहे हैं। कुछ ने आर्थिक दबाव कम करने के लिए अपने पशु‑समूह का कुछ हिस्सा बेच दिया है, जबकि अन्य स्थानीय प्राधिकरणों से मदद की मांग कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि सूखा जारी रहा तो पशु मृत्यु में वृद्धि और किसान परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। यह स्थिति महाराष्ट्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दुष्काळ के व्यापक प्रभाव को उजागर करती है, जहाँ पशुधन आजीविका का अहम हिस्सा है।
राहत कार्यों को तेज करने के प्रयास चल रहे हैं, परंतु जल की भारी कमी ने किसानों और अधिकारियों दोनों के लिए चुनौती पेश की है, क्योंकि दुष्काळ अभी भी बना हुआ है।
संकट से निपटने के लिए किसान टैंकरों और सामुदायिक कुओं जैसे वैकल्पिक जल स्रोतों का सहारा ले रहे हैं और सीमित चारे को बाँट‑बाँट कर उपयोग कर रहे हैं। कुछ ने आर्थिक दबाव कम करने के लिए अपने पशु‑समूह का कुछ हिस्सा बेच दिया है, जबकि अन्य स्थानीय प्राधिकरणों से मदद की मांग कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि सूखा जारी रहा तो पशु मृत्यु में वृद्धि और किसान परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। यह स्थिति महाराष्ट्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दुष्काळ के व्यापक प्रभाव को उजागर करती है, जहाँ पशुधन आजीविका का अहम हिस्सा है।
राहत कार्यों को तेज करने के प्रयास चल रहे हैं, परंतु जल की भारी कमी ने किसानों और अधिकारियों दोनों के लिए चुनौती पेश की है, क्योंकि दुष्काळ अभी भी बना हुआ है।