📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Correctinfo86
अपराध
महाराष्ट्र में दुष्कर्म आरोपी को 10 साल की सजा, पीड़िता के विवाह के बावजूद रियायत नहीं
✍️ Amar Ujala · Maharashtra
🗓 04 नव. 2026, 03:31 PM
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महाराष्ट्र के एक अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को दस साल की सजा सुनाई और पीड़िता के बाद में उसके साथ विवाह करने के बावजूद कोई रियायत नहीं दी।
महाराष्ट्र के बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक दुष्कर्म मामले में आरोपी को दस साल की जेल की सजा सुनाई। यह फैसला तब आया जब पीड़िता ने बाद में आरोपी से विवाह कर लिया था।
अदालत ने यह कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए पूर्ण दंड देना आवश्यक है और विवाह के कारण कोई रियायत नहीं दी गई।
कानून विशेषज्ञों ने बताया कि भारतीय कानून में दुष्कर्म के मामलों में वैवाहिक स्थिति के आधार पर स्वचालित रूप से रियायत नहीं दी जाती, और यह फैसला इस बात को दोहराता है कि ऐसे अपराधों के लिए सख्त दंड आवश्यक है।
यह निर्णय महिलाओं के अधिकार संगठनों द्वारा स्वागत किया गया है, जो इसे जवाबदेही को सुदृढ़ करने वाला मानते हैं, जबकि आरोपी इस सजा को उच्च न्यायालय में अपील करने की संभावना रखता है।
अदालत ने यह कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए पूर्ण दंड देना आवश्यक है और विवाह के कारण कोई रियायत नहीं दी गई।
कानून विशेषज्ञों ने बताया कि भारतीय कानून में दुष्कर्म के मामलों में वैवाहिक स्थिति के आधार पर स्वचालित रूप से रियायत नहीं दी जाती, और यह फैसला इस बात को दोहराता है कि ऐसे अपराधों के लिए सख्त दंड आवश्यक है।
यह निर्णय महिलाओं के अधिकार संगठनों द्वारा स्वागत किया गया है, जो इसे जवाबदेही को सुदृढ़ करने वाला मानते हैं, जबकि आरोपी इस सजा को उच्च न्यायालय में अपील करने की संभावना रखता है।