📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pooja Jadhav
धर्म
महाराष्ट्र के सीएम ने गणेशोत्सव 2026 में प्रसाद की शुद्धता व FDA मानकों का पालन करने का निर्देश दिया
✍️ Mid-Day
🗓 28 अग. 2026, 08:24 AM
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने महाराष्ट्र के सभी गणेश मंडलों को 2026 के गणेशोत्सव में प्रसाद को FDA मानकों के अनुरूप शुद्ध रखने का आदेश दिया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने गणेशोत्सव 2026 से पहले सभी गणेश मंडलों को निर्देश दिया है कि वे वितरित किए जाने वाले प्रसाद को FDA की खाद्य‑सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करें। यह घोषणा एक प्रेस ब्रीफ़िंग के माध्यम से की गई, जिसमें कहा गया कि धार्मिक उत्सवों में सार्वजनिक स्वास्थ्य का समझौता नहीं होना चाहिए।
FDA के मानकों में खाद्य तैयारी के दौरान कड़े स्वच्छता नियम, उचित भंडारण तापमान और सामग्री की स्पष्ट लेबलिंग शामिल है, जिससे एलर्जी या प्रतिबंधित पदार्थों से बचा जा सके। मंडलों को लाइसेंस प्राप्त आपूर्तिकर्ताओं से सामग्री खरीदनी होगी और संभावित निरीक्षणों के लिए रिकॉर्ड रखना होगा।
राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों को अनुपालन की निगरानी का काम सौंपा गया है और लोकप्रिय स्थानों जैसे सामुदायिक हॉल और मंदिरों में यादृच्छिक जाँचें की जा सकती हैं। यह कदम पिछले वर्षों में प्रसाद में दूषित पदार्थों की खबरों के बाद उठाया गया है, जिसने कड़ी निगरानी की माँग को बढ़ावा दिया।
बड़े मंडलों के आयोजकों ने इस मार्गदर्शन का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि मानकों का पालन करने से भक्तों का भरोसा बढ़ेगा और महीने भर चलने वाले उत्सव में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सकेगा। सरकार ने एक चेक‑लिस्ट और प्रशिक्षण सत्र प्रदान करने का वादा किया है।
यह निर्देश सांस्कृतिक परम्पराओं और आधुनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच संतुलन बनाने के प्रशासनिक प्रयास को दर्शाता है, जिससे उत्सव सभी के लिए आनंदपूर्ण और सुरक्षित बना रहे।
FDA के मानकों में खाद्य तैयारी के दौरान कड़े स्वच्छता नियम, उचित भंडारण तापमान और सामग्री की स्पष्ट लेबलिंग शामिल है, जिससे एलर्जी या प्रतिबंधित पदार्थों से बचा जा सके। मंडलों को लाइसेंस प्राप्त आपूर्तिकर्ताओं से सामग्री खरीदनी होगी और संभावित निरीक्षणों के लिए रिकॉर्ड रखना होगा।
राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों को अनुपालन की निगरानी का काम सौंपा गया है और लोकप्रिय स्थानों जैसे सामुदायिक हॉल और मंदिरों में यादृच्छिक जाँचें की जा सकती हैं। यह कदम पिछले वर्षों में प्रसाद में दूषित पदार्थों की खबरों के बाद उठाया गया है, जिसने कड़ी निगरानी की माँग को बढ़ावा दिया।
बड़े मंडलों के आयोजकों ने इस मार्गदर्शन का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि मानकों का पालन करने से भक्तों का भरोसा बढ़ेगा और महीने भर चलने वाले उत्सव में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सकेगा। सरकार ने एक चेक‑लिस्ट और प्रशिक्षण सत्र प्रदान करने का वादा किया है।
यह निर्देश सांस्कृतिक परम्पराओं और आधुनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच संतुलन बनाने के प्रशासनिक प्रयास को दर्शाता है, जिससे उत्सव सभी के लिए आनंदपूर्ण और सुरक्षित बना रहे।