📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
राजनीति
महाराष्ट्र के सीएम फडनवीस ने माराठा प्रदर्शनकारियों से गणेशोत्सव 2026 में बाधा न डालने का आग्रह, मनोज जारंगे पहुंचे मुंबई
✍️ Mid-Day
🗓 16 सित. 2026, 09:46 AM
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने माराठा प्रदर्शनकारियों से गणेशोत्सव को बिना बाधा के मनाने का अनुरोध किया, जबकि माराठा नेता मनोज जारंगे मुंबई पहुंचे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने चल रहे माराठा विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए, गणेशोत्सव 2026 के दौरान जनता को असुविधा न पहुँचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पावन अवसर सामाजिक सौहार्द का समय है और किसी भी प्रकार की बाधा से शहर की सांस्कृतिक व आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने गणेशोत्सव की परम्पराओं का सम्मान करने और ट्रैफ़िक व सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदर्शनकारियों को प्राधिकरणों के साथ समन्वय करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि सरकार समुदाय की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से करेगी, न कि टकराव से।
इसी बीच, माराठा नेता मनोज जारंगे मुंबई पहुंचे, जिससे शहर में विरोध आंदोलन की नेतृत्व उपस्थिति जारी रहने का संकेत मिला। उनके आगमन से आगे के वार्तालापों और चर्चा पर असर पड़ने की संभावना है।
मुख्यमंत्री का बयान त्योहार के प्रमुख दिनों से पहले आया है, जब हजारों भक्त सार्वजनिक पंडालों और घरों में इकट्ठा होते हैं। अधिकारियों ने भीड़ नियंत्रण और संभावित व्यवधानों को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।
प्रदर्शन और सरकार दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है कि गणेशोत्सव बिना किसी घटना के संपन्न हो, जबकि मौजूदा मुद्दों पर बातचीत जारी रहे।
मुख्यमंत्री ने गणेशोत्सव की परम्पराओं का सम्मान करने और ट्रैफ़िक व सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदर्शनकारियों को प्राधिकरणों के साथ समन्वय करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि सरकार समुदाय की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से करेगी, न कि टकराव से।
इसी बीच, माराठा नेता मनोज जारंगे मुंबई पहुंचे, जिससे शहर में विरोध आंदोलन की नेतृत्व उपस्थिति जारी रहने का संकेत मिला। उनके आगमन से आगे के वार्तालापों और चर्चा पर असर पड़ने की संभावना है।
मुख्यमंत्री का बयान त्योहार के प्रमुख दिनों से पहले आया है, जब हजारों भक्त सार्वजनिक पंडालों और घरों में इकट्ठा होते हैं। अधिकारियों ने भीड़ नियंत्रण और संभावित व्यवधानों को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।
प्रदर्शन और सरकार दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है कि गणेशोत्सव बिना किसी घटना के संपन्न हो, जबकि मौजूदा मुद्दों पर बातचीत जारी रहे।