📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
राजनीति
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडनवीस ने राज्यपाल से मौजूदा व पूर्व एमपीएससी प्रमुखों की जांच का आदेश देने को कहा
✍️ The Times of India
🗓 06 अक्टू. 2026, 07:01 AM
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने महाराष्ट्र के राज्यपाल को मौजूदा और पूर्व सार्वजनिक सेवा आयोग प्रमुखों की कार्यवाही की जांच करने का पत्र लिखा है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने राज्यपाल रमेश बैस को एक औपचारिक पत्र भेजकर महाराष्ट्र सार्वजनिक सेवा आयोग (एमपीएससी) के वर्तमान तथा पूर्व प्रमुखों की कार्यवाही की जांच का आदेश देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग के कामकाज में संभावित अनियमितताओं की जाँच कर सार्वजनिक भरोसा बहाल करना आवश्यक है।
राज्य के संवैधानिक निकाय एमपीएससी, जो विभिन्न राज्य‑स्तरीय परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं को संचालित करता है, को हाल ही में प्रक्रियात्मक त्रुटियों की खबरों के बाद जांच के दायरे में लाया गया है। फडनवीस के पत्र में विशिष्ट आरोपों का उल्लेख नहीं है, पर यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया प्रतीत होता है।
अब तक राज्यपाल ने इस अनुरोध पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। दोनों अधिकारियों के बीच आगामी बैठक में इस विषय पर चर्चा होने की संभावना है, और किसी भी निर्णय को आधिकारिक तौर पर सूचित किया जाएगा।
यदि राज्यपाल जांच का आदेश देते हैं, तो आयोग की हालिया गतिविधियों का विस्तृत ऑडिट हो सकता है और वर्तमान तथा पूर्व प्रमुखों की कार्यवाही की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति गठित की जा सकती है।
यह कदम भारत में राज्य स्तर के भर्ती निकायों की स्वायत्तता और जवाबदेही को लेकर चल रहे विमर्श में नया आयाम जोड़ता है।
राज्य के संवैधानिक निकाय एमपीएससी, जो विभिन्न राज्य‑स्तरीय परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं को संचालित करता है, को हाल ही में प्रक्रियात्मक त्रुटियों की खबरों के बाद जांच के दायरे में लाया गया है। फडनवीस के पत्र में विशिष्ट आरोपों का उल्लेख नहीं है, पर यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया प्रतीत होता है।
अब तक राज्यपाल ने इस अनुरोध पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। दोनों अधिकारियों के बीच आगामी बैठक में इस विषय पर चर्चा होने की संभावना है, और किसी भी निर्णय को आधिकारिक तौर पर सूचित किया जाएगा।
यदि राज्यपाल जांच का आदेश देते हैं, तो आयोग की हालिया गतिविधियों का विस्तृत ऑडिट हो सकता है और वर्तमान तथा पूर्व प्रमुखों की कार्यवाही की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति गठित की जा सकती है।
यह कदम भारत में राज्य स्तर के भर्ती निकायों की स्वायत्तता और जवाबदेही को लेकर चल रहे विमर्श में नया आयाम जोड़ता है।