Crime
मुंगेली पुलिस के 'पहल अभियान' के तहत कोचिंग सेंटर में छात्रों को साइबर अपराधों से किया जागरूक
मुंगेली पुलिस द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे 'पहल अभियान' के तहत बिलासपुर स्थित पीसीएस कोचिंग सेंटर में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों पर जोर दिया गया।
मुंगेली में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में चलाए जा रहे 'पहल अभियान' का सकारात्मक असर अब दिखने लगा है। इसी क्रम में, बिलासपुर स्थित पीसीएस कोचिंग सेंटर में विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न प्रकार के अपराधों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में शिक्षित करना था।
कार्यक्रम के दौरान, सिटी कोतवाली प्रभारी नवीन कुमार जांगड़े और साइबर सेल टीम के सदस्य मधुकर रात्रे एवं बबीता श्रीवास ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि आजकल डिजिटल अरेस्ट, पार्ट टाइम जॉब के नाम पर होने वाली ठगी और एपीके फाइल भेजकर की जाने वाली धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों में वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने इन अपराधों के बढ़ते खतरे के प्रति आगाह किया।
पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को समझाया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, अपना ओटीपी, सीवीवी या बैंक से संबंधित कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। इसके अतिरिक्त, यातायात नियमों का पालन करने, नशे से दूर रहने और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
पुलिस ने सभी से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करे या http://cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराए। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर संपर्क करने की सलाह दी गई। मुंगेली पुलिस का यह 'पहल अभियान' युवाओं को सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान, सिटी कोतवाली प्रभारी नवीन कुमार जांगड़े और साइबर सेल टीम के सदस्य मधुकर रात्रे एवं बबीता श्रीवास ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि आजकल डिजिटल अरेस्ट, पार्ट टाइम जॉब के नाम पर होने वाली ठगी और एपीके फाइल भेजकर की जाने वाली धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों में वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने इन अपराधों के बढ़ते खतरे के प्रति आगाह किया।
पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को समझाया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, अपना ओटीपी, सीवीवी या बैंक से संबंधित कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। इसके अतिरिक्त, यातायात नियमों का पालन करने, नशे से दूर रहने और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
पुलिस ने सभी से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करे या http://cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराए। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर संपर्क करने की सलाह दी गई। मुंगेली पुलिस का यह 'पहल अभियान' युवाओं को सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।