📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann (talk)
बिज़नेस
मध्य प्रदेश में MSME के लिए अलग कंपनी का गठन, मुख्यमंत्री ने किया ऐलान
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 01 नव. 2026, 01:16 PM
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में MSME को बढ़ावा देने के लिए अलग कंपनी के गठन की घोषणा की, साथ ही निजी औद्योगिक पार्कों को प्रोत्साहन।
मध्य प्रदेश सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि राज्य में MSME को विशेष रूप से समर्थन, वित्तीय सहायता और तकनीकी मदद प्रदान करने के लिए एक अलग कंपनी स्थापित की जाएगी।
यह नई कंपनी राज्य के औद्योगिक विकास विभाग के तहत कार्य करेगी और MSME उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधाओं और बाजार संपर्कों तक आसान पहुँच प्रदान करने के लिए एक केंद्र के रूप में काम करेगी।
कंपनी के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री ने निजी औद्योगिक पार्कों को प्रति हेक्टेयर 50 लाख रुपये का अनुदान देने और दो महीने के भीतर सभी जिलों में औद्योगिक जमीन उपलब्ध कराने का वादा भी किया, जिससे निवेश आकर्षित करने की व्यापक योजना स्पष्ट होती है।
अधिकारियों ने बताया कि यह समर्पित MSME फर्म कुछ हफ्तों में स्थापित की जाएगी और मौजूदा एजेंसियों के साथ समन्वय करके अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाएगी, क्लस्टर विकास को बढ़ावा देगी, जिससे रोजगार और निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी।
यह पहल मध्य प्रदेश को छोटे‑स्तर के विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने और राज्य की समग्र आर्थिक प्रगति को तेज़ करने की इच्छा को दर्शाती है।
यह नई कंपनी राज्य के औद्योगिक विकास विभाग के तहत कार्य करेगी और MSME उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधाओं और बाजार संपर्कों तक आसान पहुँच प्रदान करने के लिए एक केंद्र के रूप में काम करेगी।
कंपनी के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री ने निजी औद्योगिक पार्कों को प्रति हेक्टेयर 50 लाख रुपये का अनुदान देने और दो महीने के भीतर सभी जिलों में औद्योगिक जमीन उपलब्ध कराने का वादा भी किया, जिससे निवेश आकर्षित करने की व्यापक योजना स्पष्ट होती है।
अधिकारियों ने बताया कि यह समर्पित MSME फर्म कुछ हफ्तों में स्थापित की जाएगी और मौजूदा एजेंसियों के साथ समन्वय करके अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाएगी, क्लस्टर विकास को बढ़ावा देगी, जिससे रोजगार और निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी।
यह पहल मध्य प्रदेश को छोटे‑स्तर के विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने और राज्य की समग्र आर्थिक प्रगति को तेज़ करने की इच्छा को दर्शाती है।