📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lyudamy
मौसम
मानसून के बाद एमपी में चार दिन की आंधी‑बारिश, ग्वालियर‑चंबल पर अधिक असर
✍️ Amar Ujala · Sagar
🗓 15 अक्टू. 2026, 07:08 AM
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मध्य प्रदेश में 15‑18 अक्टूबर तक चार दिन की तेज़ हवाओं और बारिश की संभावना, ग्वालियर‑चंबल क्षेत्र पर अधिक असर पड़ेगा।
मध्य प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (MPSDMA) ने मौसम चेतावनी जारी की है, जिसमें बताया गया है कि मानसून के बाद राज्य में 15 से 18 अक्टूबर तक चार दिन की तेज़ हवाओं और बिखरी हुई बारिश का दौर रहेगा। मौसम विज्ञानी कहते हैं कि यह एक पोस्ट‑मानसून ट्रफ़्ट है जो पूर्व की ओर बढ़ रहा है और व्यापक क्षेत्र में अस्थिर परिस्थितियाँ लाएगा।
ग्वालियर‑चंबल संभाग को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बताया गया है, जहाँ तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश से दैनिक कार्यों और कृषि गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो सकती है। उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कुछ जिलों में भी बिखरी हुई बारिश की संभावना है, परन्तु ग्वालियर‑चंबल की तुलना में तीव्रता कम रहने की उम्मीद है।
प्राधिकरण ने निवासियों को सलाह दी है कि ढीले सामान को सुरक्षित रखें, तेज़ हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय समाचार माध्यमों से अपडेट लेते रहें। किसानों को फसल की सुरक्षा और जलभराव के जोखिम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है, विशेषकर निचले क्षेत्रों में।
मौसम विभाग स्थिति की निरंतर निगरानी करेगा और यदि परिस्थितियाँ बिगड़ती हैं तो अतिरिक्त चेतावनियाँ जारी करेगा। वर्तमान में कोई तत्काल बाढ़ चेतावनी नहीं है, परन्तु स्थानीय प्रशासन आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार है।
ग्वालियर‑चंबल संभाग को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बताया गया है, जहाँ तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश से दैनिक कार्यों और कृषि गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो सकती है। उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कुछ जिलों में भी बिखरी हुई बारिश की संभावना है, परन्तु ग्वालियर‑चंबल की तुलना में तीव्रता कम रहने की उम्मीद है।
प्राधिकरण ने निवासियों को सलाह दी है कि ढीले सामान को सुरक्षित रखें, तेज़ हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय समाचार माध्यमों से अपडेट लेते रहें। किसानों को फसल की सुरक्षा और जलभराव के जोखिम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है, विशेषकर निचले क्षेत्रों में।
मौसम विभाग स्थिति की निरंतर निगरानी करेगा और यदि परिस्थितियाँ बिगड़ती हैं तो अतिरिक्त चेतावनियाँ जारी करेगा। वर्तमान में कोई तत्काल बाढ़ चेतावनी नहीं है, परन्तु स्थानीय प्रशासन आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार है।