📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
शिक्षा
मध्य प्रदेश ने आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति में 20,000 से अधिक निजी स्कूलों को 502 करोड़ रुपये देने की घोषणा की
✍️ The Times of India
🗓 12 अक्टू. 2026, 04:02 PM
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मध्य प्रदेश सरकार आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत 20,456 निजी स्कूलों को 502 करोड़ रुपये हस्तांतरित करेगी।
मध्य प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि वह आरटीई (Right to Education) अधिनियम के तहत छात्रों को प्रवेश देने वाले निजी स्कूलों को कुल 502 करोड़ रुपये वितरित करेगी। यह राशि शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत दी जाएगी, जिससे स्कूलों को आरटीई लाभार्थियों की शिक्षा के खर्चों की भरपाई हो सके।
इस योजना के तहत राज्य के 20,456 निजी स्कूलों को निधि प्राप्त होगी। प्रतिपूर्ति का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों पर वित्तीय बोझ कम करना और आरटीई के नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
सरकार ने बताया कि यह भुगतान मौजूदा आरटीई दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा, हालांकि ट्रांसफ़र की विशिष्ट समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल सार्वजनिक‑निजी साझेदारी को मजबूत करके सभी वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में मदद करेगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस निधि के प्रवाह से भाग लेने वाले स्कूलों में बुनियादी ढांचा, शिक्षण संसाधन और समग्र शैक्षणिक परिणामों में सुधार होगा, जिससे राज्य के शैक्षिक लक्ष्यों को आगे बढ़ावा मिलेगा।
इस योजना के तहत राज्य के 20,456 निजी स्कूलों को निधि प्राप्त होगी। प्रतिपूर्ति का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों पर वित्तीय बोझ कम करना और आरटीई के नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
सरकार ने बताया कि यह भुगतान मौजूदा आरटीई दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा, हालांकि ट्रांसफ़र की विशिष्ट समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल सार्वजनिक‑निजी साझेदारी को मजबूत करके सभी वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में मदद करेगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस निधि के प्रवाह से भाग लेने वाले स्कूलों में बुनियादी ढांचा, शिक्षण संसाधन और समग्र शैक्षणिक परिणामों में सुधार होगा, जिससे राज्य के शैक्षिक लक्ष्यों को आगे बढ़ावा मिलेगा।