📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
शिक्षा
मध्य प्रदेश के शिक्षक भूख हड़ताल, टीईटी फॉर्म नहीं भरेंगे, 5 अक्टूबर की अंतिम तिथि से पहले
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 05 अक्टू. 2026, 07:31 PM
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मध्य प्रदेश के शिक्षक भूख हड़ताल पर आ गए हैं और टीईटी आवेदन नहीं भर रहे हैं, क्योंकि वर्षों की सेवा के बाद उन्हें किस पद के लिए पात्रता परीक्षा देनी होगी, यह स्पष्ट नहीं है।
मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के आवेदन की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर निर्धारित की है, जो कुछ पदों के लिए नियुक्ति हेतु अनिवार्य है। इस निर्णय के विरोध में राज्य भर के कई शिक्षक भूख हड़ताल पर आ गए हैं और फॉर्म भरने से इंकार कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई वर्षों तक सेवा करने के बाद उन्हें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह परीक्षा किस विशेष पद के लिए पात्रता प्रदान करेगी। इस अस्पष्टता से उनके अनुभव को कमतर माना जा रहा है, जिससे उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षा विभाग ने इस हड़ताल को लेकर तनाव बढ़ा बताया है और कहा है कि आवेदन में देरी से नियोजित भर्ती प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो सकती है। विभाग ने शिक्षक प्रतिनिधियों से बातचीत का संकेत दिया है, पर अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
यदि यह stalemate जारी रहता है, तो विभाग को या तो आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने या पात्रता मानदंडों में संशोधन करने पर विचार करना पड़ सकता है, ताकि शिक्षक वर्ग की चिंताओं को दूर करते हुए स्कूलों की भर्ती समय‑सारिणी बनी रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई वर्षों तक सेवा करने के बाद उन्हें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह परीक्षा किस विशेष पद के लिए पात्रता प्रदान करेगी। इस अस्पष्टता से उनके अनुभव को कमतर माना जा रहा है, जिससे उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षा विभाग ने इस हड़ताल को लेकर तनाव बढ़ा बताया है और कहा है कि आवेदन में देरी से नियोजित भर्ती प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो सकती है। विभाग ने शिक्षक प्रतिनिधियों से बातचीत का संकेत दिया है, पर अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
यदि यह stalemate जारी रहता है, तो विभाग को या तो आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने या पात्रता मानदंडों में संशोधन करने पर विचार करना पड़ सकता है, ताकि शिक्षक वर्ग की चिंताओं को दूर करते हुए स्कूलों की भर्ती समय‑सारिणी बनी रहे।