📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / LRBurdak
विज्ञान
मध्यप्रदेश में गांधी सागर में बोत्सवाना की चीता ‘राधा’ का रिहा, कुल चार चीते
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 20 सित. 2026, 06:00 PM
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मादा चीता CCB‑2 को ‘राधा’ नाम देकर गांधी सागर में छोड़ा, जिससे यहाँ दो नर और दो मादा चीते हो गए।
मध्यप्रदेश सरकार ने बोत्सवाना से आयी मादा चीता को ‘राधा’ नाम देकर गांधी सागर वन्यजीव क्षेत्र में छोड़कर चीतों के पुनर्वास कार्यक्रम को तेज किया है। यह चीता, जिसे CCB‑2 के रूप में दर्ज किया गया है, को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आधिकारिक तौर पर नाम दिया और रिहा किया।
रिहाई के बाद अब इस क्षेत्र में दो नर और दो मादा चीते मौजूद हैं, जिससे कुल चार चीतों की संख्या हो गई। यह कदम कूनो में पहले छोड़ी गई मादा चीता के बाद लिया गया, जिसका उद्देश्य राज्य में प्रजनन योग्य आबादी स्थापित करना है।
राज्य के वन्यजीव विभाग ने जीपीएस कॉलर और नियमित फील्ड निरीक्षण के माध्यम से इन चीतों की स्वास्थ्य और अनुकूलन की करीबी निगरानी करने का कहा है। यह पहल भारत में 1970 के दशक में लुप्त घोषित हुए इस संकटग्रस्त प्रजाति को पुनर्स्थापित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
पर्यावरण विशेषज्ञ इस कदम का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि संतुलित लिंग अनुपात प्रजनन सफलता और चीतों की दीर्घकालिक जीवित रहने की संभावना को बढ़ाता है।
रिहाई के बाद अब इस क्षेत्र में दो नर और दो मादा चीते मौजूद हैं, जिससे कुल चार चीतों की संख्या हो गई। यह कदम कूनो में पहले छोड़ी गई मादा चीता के बाद लिया गया, जिसका उद्देश्य राज्य में प्रजनन योग्य आबादी स्थापित करना है।
राज्य के वन्यजीव विभाग ने जीपीएस कॉलर और नियमित फील्ड निरीक्षण के माध्यम से इन चीतों की स्वास्थ्य और अनुकूलन की करीबी निगरानी करने का कहा है। यह पहल भारत में 1970 के दशक में लुप्त घोषित हुए इस संकटग्रस्त प्रजाति को पुनर्स्थापित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
पर्यावरण विशेषज्ञ इस कदम का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि संतुलित लिंग अनुपात प्रजनन सफलता और चीतों की दीर्घकालिक जीवित रहने की संभावना को बढ़ाता है।