📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
नौकरी
मध्य प्रदेश पुलिस अधिकारी को 15 साल बाद कोर्ट के आदेश से विशेष पदोन्नति मिली
✍️ The Indian Express
🗓 25 अग. 2026, 05:38 PM
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मध्य प्रदेश के एक पुलिस अधिकारी को 15 साल बाद कोर्ट के फैसले से विशेष पदोन्नति मिली, जो उन्होंने दाकू विरोधी ऑपरेशन में भाग लेकर अर्जित की थी।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक पुलिस अधिकारी को विशेष पदोन्नति का आदेश दिया है, जो 15 साल पहले दाकू विरोधी ऑपरेशन में भाग ले चुके थे। अधिकारी ने पदोन्नति न मिलने के कारण याचिका दायर की थी, और अदालत ने राज्य सरकार को रेट्रोएक्टिव रूप से पद प्रदान करने का निर्देश दिया।
यह निर्णय नागरिक सेवकों की लंबी अवधि की शिकायतों को निपटाने में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है। यह उन पुलिस कर्मियों की चुनौतियों को भी उजागर करता है, जो जोखिम भरे ऑपरेशन में अपना जीवन जोखिम में डालते हैं, पर बाद में करियर उन्नति में नौकरशाही की देरी का सामना करते हैं।
राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस पदोन्नति को तुरंत लागू करें, जिससे अधिकारी को उच्च पद से जुड़ी सभी सुविधाएँ और वरिष्ठता मिल सके। यह आदेश समान मामलों में भी एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
यह मामला 2009 के दाकू विरोधी छापे से शुरू हुआ, जिसमें अधिकारी और उनकी टीम ने एक कुख्यात गिरोह को नष्ट किया था। बहादुरी के बावजूद पदोन्नति बार‑बार टाल दी गई, जिससे आज के फैसले तक पहुंचने के लिए कानूनी कार्रवाई की गई।
यह निर्णय नागरिक सेवकों की लंबी अवधि की शिकायतों को निपटाने में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है। यह उन पुलिस कर्मियों की चुनौतियों को भी उजागर करता है, जो जोखिम भरे ऑपरेशन में अपना जीवन जोखिम में डालते हैं, पर बाद में करियर उन्नति में नौकरशाही की देरी का सामना करते हैं।
राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस पदोन्नति को तुरंत लागू करें, जिससे अधिकारी को उच्च पद से जुड़ी सभी सुविधाएँ और वरिष्ठता मिल सके। यह आदेश समान मामलों में भी एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
यह मामला 2009 के दाकू विरोधी छापे से शुरू हुआ, जिसमें अधिकारी और उनकी टीम ने एक कुख्यात गिरोह को नष्ट किया था। बहादुरी के बावजूद पदोन्नति बार‑बार टाल दी गई, जिससे आज के फैसले तक पहुंचने के लिए कानूनी कार्रवाई की गई।