📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Ayush
शिक्षा
मध्य प्रदेश ने बनाया राष्ट्रीय आयुर्वेद प्रशिक्षण संस्थान, ऑनलाइन, ऑफलाइन और हाइब्रिड पाठ्यक्रम
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 05 अक्टू. 2026, 03:01 PM
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मध्य प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय आयुर्वेद प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की घोषणा की है, जिसमें ऑनलाइन, ऑफलाइन और हाइब्रिड पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे, जिससे डॉक्टर, नर्स, विद्यार्थी, शोधकर्ता और आम जनता कहीं से भी प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगी।
मध्य प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय आयुर्वेद प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की योजना की घोषणा की है, जो ऑनलाइन, ऑफलाइन और हाइब्रिड शिक्षण मॉडलों के माध्यम से आयुर्वेद की व्यापक शिक्षा प्रदान करेगा। इस संस्था का उद्देश्य आयुर्वेदिक ज्ञान को किसी भी भौगोलिक स्थान से सुलभ बनाना है।
पाठ्यक्रम विभिन्न सीखने की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे: दूरस्थ शिक्षार्थियों के लिए पूरी तरह से ऑनलाइन मॉड्यूल, व्यावहारिक अभ्यास के लिए पारंपरिक कक्षा सत्र, और दोनों का संयोजन करने वाले हाइब्रिड कार्यक्रम। प्रत्येक कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
लक्ष्य समूह में डॉक्टर, नर्स, विद्यार्थी, शोधकर्ता और आयुर्वेदिक अभ्यास में रुचि रखने वाले आम जनता शामिल हैं। संस्था पारंपरिक आयुर्वेदिक शिक्षा और आधुनिक चिकित्सा प्रशिक्षण के बीच की खाई को पाटने का प्रयास करेगी।
लचीले शिक्षण विकल्पों और मानकीकृत प्रमाणन प्रक्रिया के माध्यम से, संस्था आयुर्वेद को मुख्यधारा के स्वास्थ्य सेवा में एकीकृत करने और भारत में इस उद्योग के विकास का समर्थन करने का लक्ष्य रखती है।
पाठ्यक्रम विभिन्न सीखने की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे: दूरस्थ शिक्षार्थियों के लिए पूरी तरह से ऑनलाइन मॉड्यूल, व्यावहारिक अभ्यास के लिए पारंपरिक कक्षा सत्र, और दोनों का संयोजन करने वाले हाइब्रिड कार्यक्रम। प्रत्येक कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
लक्ष्य समूह में डॉक्टर, नर्स, विद्यार्थी, शोधकर्ता और आयुर्वेदिक अभ्यास में रुचि रखने वाले आम जनता शामिल हैं। संस्था पारंपरिक आयुर्वेदिक शिक्षा और आधुनिक चिकित्सा प्रशिक्षण के बीच की खाई को पाटने का प्रयास करेगी।
लचीले शिक्षण विकल्पों और मानकीकृत प्रमाणन प्रक्रिया के माध्यम से, संस्था आयुर्वेद को मुख्यधारा के स्वास्थ्य सेवा में एकीकृत करने और भारत में इस उद्योग के विकास का समर्थन करने का लक्ष्य रखती है।