📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
राजनीति
मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारियों को दिल्ली में महत्वपूर्ण पद, प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 02 अक्टू. 2026, 05:37 AM
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मध्य प्रदेश कैडर के कई आईएएस अधिकारियों को दिल्ली में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है। यह कदम राज्य सरकार के प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी के बीच आया है, जिससे जिला कलेक्टर और मंत्रालय अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकता है।
मध्य प्रदेश कैडर से संबंधित कई आईएएस अधिकारियों को हाल ही में दिल्ली स्थित विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों में महत्वपूर्ण भूमिकाओं पर तैनात किया गया है। इन नियुक्तियों को प्रशासनिक circles में नियमित कैडर आवंटन का हिस्सा माना जा रहा है।
ये नियुक्तियां ऐसे समय में आई हैं जब मध्य प्रदेश सरकार राज्य के भीतर प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फेरबदल से कई जिलों और प्रमुख विभागीय पदों के प्रभार में बदलाव आ सकता है।
फेरबदल के सटीक विवरण अभी अंतिम नहीं हुए हैं, लेकिन सूत्रों का संकेत है कि कुछ जिला कलेक्टर और मंत्रालय स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में संशोधन हो सकता है। दिल्ली में की गई ये तैनाती अनुभवी अधिकारियों को राज्य कैडर में लाने का एक तरीका माना जा रहा है।
इस तरह के अंतर‑cadre प्रतिनियुक्तियां सामान्य होती हैं, परंतु वर्तमान में दिल्ली में मध्य प्रदेश के कई आईएएस अधिकारियों की मौजूदगी इसलिए ध्यान आकर्षित कर रही है क्योंकि यह राज्य के anticipated administrative changes के साथ मेल खाती है। पर्यवेक्षक दोनों केंद्र और राज्य सरकारों से आगे के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।
ये नियुक्तियां ऐसे समय में आई हैं जब मध्य प्रदेश सरकार राज्य के भीतर प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फेरबदल से कई जिलों और प्रमुख विभागीय पदों के प्रभार में बदलाव आ सकता है।
फेरबदल के सटीक विवरण अभी अंतिम नहीं हुए हैं, लेकिन सूत्रों का संकेत है कि कुछ जिला कलेक्टर और मंत्रालय स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में संशोधन हो सकता है। दिल्ली में की गई ये तैनाती अनुभवी अधिकारियों को राज्य कैडर में लाने का एक तरीका माना जा रहा है।
इस तरह के अंतर‑cadre प्रतिनियुक्तियां सामान्य होती हैं, परंतु वर्तमान में दिल्ली में मध्य प्रदेश के कई आईएएस अधिकारियों की मौजूदगी इसलिए ध्यान आकर्षित कर रही है क्योंकि यह राज्य के anticipated administrative changes के साथ मेल खाती है। पर्यवेक्षक दोनों केंद्र और राज्य सरकारों से आगे के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।