📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
राजनीति
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य परिवहन प्राधिकरण का आदेश वैध माना, निजी बस ऑपरेटरों की याचिका खारिज
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 14 अक्टू. 2026, 11:15 PM
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के ग्वालियर खंडपीठ ने 10 अगस्त 2026 की राज्य परिवहन प्राधिकरण गठन अधिसूचना को वैध ठहराया और इसे चुनौती देने वाली निजी बस ऑपरेटरों की याचिका खारिज कर दी।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के ग्वालियर खंडपीठ ने निजी बस ऑपरेटरों के एक समूह द्वारा दायर याचिका पर फैसला सुनाया, जिसमें उन्होंने राज्य द्वारा राज्य परिवहन प्राधिकरण के गठन को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि 10 अगस्त 2026 की अधिसूचना राज्य की विधायी शक्ति से बाहर है और उनके व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुंचाएगी।
न्यायालय ने संबंधित विधियों और राज्य की अधिकारिता की सीमा का अध्ययन कर यह निष्कर्ष निकाला कि अधिसूचना राज्य के वैध अधिकार के भीतर है। इसलिए, अधिसूचना को वैध माना गया और याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया गया।
इस निर्णय से राज्य परिवहन प्राधिकरण को मध्यप्रदेश में सड़क परिवहन के नियमन के कार्य को बिना किसी कानूनी अड़चन के आगे बढ़ाने की अनुमति मिलती है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि 10 अगस्त 2026 की अधिसूचना राज्य की विधायी शक्ति से बाहर है और उनके व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुंचाएगी।
न्यायालय ने संबंधित विधियों और राज्य की अधिकारिता की सीमा का अध्ययन कर यह निष्कर्ष निकाला कि अधिसूचना राज्य के वैध अधिकार के भीतर है। इसलिए, अधिसूचना को वैध माना गया और याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया गया।
इस निर्णय से राज्य परिवहन प्राधिकरण को मध्यप्रदेश में सड़क परिवहन के नियमन के कार्य को बिना किसी कानूनी अड़चन के आगे बढ़ाने की अनुमति मिलती है।