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15 सित. 2026
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मीडिया बयानों को अंतिम घोषणा नहीं माना
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
अपराध

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मीडिया बयानों को अंतिम घोषणा नहीं माना

✍️ The Indian Express 🗓 15 सित. 2026, 10:01 PM 👁 13
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि मीडिया बयान को स्वचालित रूप से अंतिम घोषणा नहीं माना जा सकता।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक बेंच ने स्पष्ट किया कि गंभीर बीमारी के समय मीडिया द्वारा दर्ज किया गया बयान, स्वचालित रूप से भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत अंतिम घोषणा नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि अंतिम घोषणा मानने के लिए बयान को स्वैच्छिक, मृत्युप्राय स्थिति की स्पष्ट समझ और विश्वसनीयता के मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है। प्रस्तुत याचिका में यह जांचा गया कि मीडिया बयान इन शर्तों को पूरा करता है या नहीं, और कोर्ट ने पाया कि यह पर्याप्त नहीं है। इसलिए हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि ऐसे बयानों को आपराधिक मामलों में उपयोग करने से पहले अतिरिक्त साक्ष्य द्वारा पुष्टि करनी होगी। यह निर्णय साक्ष्य मानकों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
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