📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jebulon
राजनीति
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सम्राट मिहिर भोज की जातीय पहचान पर सीलबंद रिपोर्ट पेश
✍️ Amar Ujala · Gwalior
🗓 25 सित. 2026, 10:15 PM
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हाईकोर्ट द्वारा गठित जांच समिति ने सम्राट मिहिर भोज की जातीय पहचान पर सीलबंद रिपोर्ट पेश की, जो 2021 में उनकी प्रतिमा के नामपट्ट पर ‘गुर्जर’ लिखे जाने के बाद शुरू हुआ विवाद है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सम्राट मिहिर भोज की जातीय पहचान पर जांच समिति की सीलबंद रिपोर्ट प्राप्त की, जो इस ऐतिहासिक शासक की वर्गीय स्थिति को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए बनाई गई थी।
यह विवाद 2021 में ग्वालियर में स्थापित उनकी प्रतिमा के नामपट्ट पर ‘गुर्जर’ शब्द लिखे जाने के बाद उत्पन्न हुआ, जिससे कुछ समूहों ने कहा कि वह क्षत्रिय थे।
कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने प्राचीन दस्तावेज़, शिलालेख और विद्वानों की राय का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की और कोर्ट के निर्देशानुसार उसे सीलबंद रूप में प्रस्तुत किया। रिपोर्ट की सामग्री अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि इस रिपोर्ट के परिणामों से सार्वजनिक स्मारकों में ऐतिहासिक व्यक्तियों के चित्रण और संबंधित समुदायों के दावे प्रभावित हो सकते हैं।
हाईकोर्ट आगामी सुनवाई में रिपोर्ट की समीक्षा करेगा; अब तक कोई अतिरिक्त जानकारी जारी नहीं की गई है।
यह विवाद 2021 में ग्वालियर में स्थापित उनकी प्रतिमा के नामपट्ट पर ‘गुर्जर’ शब्द लिखे जाने के बाद उत्पन्न हुआ, जिससे कुछ समूहों ने कहा कि वह क्षत्रिय थे।
कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने प्राचीन दस्तावेज़, शिलालेख और विद्वानों की राय का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की और कोर्ट के निर्देशानुसार उसे सीलबंद रूप में प्रस्तुत किया। रिपोर्ट की सामग्री अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि इस रिपोर्ट के परिणामों से सार्वजनिक स्मारकों में ऐतिहासिक व्यक्तियों के चित्रण और संबंधित समुदायों के दावे प्रभावित हो सकते हैं।
हाईकोर्ट आगामी सुनवाई में रिपोर्ट की समीक्षा करेगा; अब तक कोई अतिरिक्त जानकारी जारी नहीं की गई है।