📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
अपराध
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या की सजा बरकरार, बयान में देरी को खारिजी का कारण नहीं माना
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 24 सित. 2026, 08:15 PM
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि बयान दर्ज करने में देरी गवाही को खारिज करने का आधार नहीं है, इसलिए हत्या के दोषी को सजा बरकरार रखी गई।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में दायर किए गए अपील को खारिज करते हुए कहा कि गवाह के बयान को देर से दर्ज करना गवाही को अमान्य करने का कारण नहीं बनता। कोर्ट ने इस बात को स्पष्ट किया कि साक्ष्य की वैधता उसके समय से अधिक उसकी सामग्री पर निर्भर करती है।
जजों ने यह रुख अपनाते हुए अपीलकर्ता के उस तर्क को नकार दिया कि देरी के कारण सजा को रद्द किया जाना चाहिए। इस कारण से निचली अदालत द्वारा दिया गया दोषसिद्धि का फैसला बरकरार रखा गया।
यह निर्णय यह दर्शाता है कि गंभीर अपराधों में केवल प्रक्रियात्मक चूकों के आधार पर न्याय नहीं किया जा सकता; substantive justice को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। दोषी को मूल सजा के तहत ही रहना पड़ेगा।
जजों ने यह रुख अपनाते हुए अपीलकर्ता के उस तर्क को नकार दिया कि देरी के कारण सजा को रद्द किया जाना चाहिए। इस कारण से निचली अदालत द्वारा दिया गया दोषसिद्धि का फैसला बरकरार रखा गया।
यह निर्णय यह दर्शाता है कि गंभीर अपराधों में केवल प्रक्रियात्मक चूकों के आधार पर न्याय नहीं किया जा सकता; substantive justice को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। दोषी को मूल सजा के तहत ही रहना पड़ेगा।