📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
शिक्षा
मध्यप्रदेश सरकार ने 7,400+ मेधावी छात्रों को ई‑स्कूटर दिए, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भविष्य की योजनाओं पर पूछताछ
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 19 सित. 2026, 11:45 AM
👁 15
मध्यप्रदेश ने 7,400 से अधिक मेधावी छात्रों को ई‑स्कूटर और यात्रा निधि दी, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके करियर लक्ष्य पूछे।
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य भर के 7,400 से अधिक मेधावी छात्रों को ई‑स्कूटर और मोटराइज्ड वाहन हेतु नकद सहायता प्रदान की। यह योजना शैक्षणिक उत्कृष्टता को सम्मानित करने और उच्च शिक्षा के लिए यात्रा में सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
उज्जैन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रत्येक छात्र से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनके भविष्य के लक्ष्य पूछे। कई छात्रों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, वकील आदि बनने की इच्छा जताई, जिससे मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक सफलता को पेशेवर उपलब्धियों में बदलने के महत्व पर बल दिया।
इस पहल के तहत प्रत्येक चयनित छात्र को ई‑स्कूटर के साथ यात्रा खर्च के लिए एक निधि भी दी गई है, जिससे कॉलेज, कोचिंग सेंटर और इंटर्नशिप तक की दैनिक यात्रा आसान हो सके। अधिकारियों ने बताया कि यह वितरण अन्य जिलों में भी दोहराया जाएगा, ताकि अधिक युवा उच्च शिक्षा और पेशेवर विकास की ओर प्रेरित हों।
यह कार्यक्रम राज्य की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य प्रतिभाशाली युवाओं के लिए परिवहन बाधाओं को दूर करना और एक कुशल कार्यबल का निर्माण करना है, जो मध्यप्रदेश के सामाजिक‑आर्थिक विकास में योगदान दे सके।
उज्जैन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रत्येक छात्र से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनके भविष्य के लक्ष्य पूछे। कई छात्रों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, वकील आदि बनने की इच्छा जताई, जिससे मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक सफलता को पेशेवर उपलब्धियों में बदलने के महत्व पर बल दिया।
इस पहल के तहत प्रत्येक चयनित छात्र को ई‑स्कूटर के साथ यात्रा खर्च के लिए एक निधि भी दी गई है, जिससे कॉलेज, कोचिंग सेंटर और इंटर्नशिप तक की दैनिक यात्रा आसान हो सके। अधिकारियों ने बताया कि यह वितरण अन्य जिलों में भी दोहराया जाएगा, ताकि अधिक युवा उच्च शिक्षा और पेशेवर विकास की ओर प्रेरित हों।
यह कार्यक्रम राज्य की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य प्रतिभाशाली युवाओं के लिए परिवहन बाधाओं को दूर करना और एक कुशल कार्यबल का निर्माण करना है, जो मध्यप्रदेश के सामाजिक‑आर्थिक विकास में योगदान दे सके।