📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
खानपान
मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा ने 5.61 करोड़ के मिलावट वाले माल को जब्त, 25 घी ब्रांड फेल
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 25 अग. 2026, 10:18 PM
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मध्य प्रदेश खाद्य सुरक्षा विभाग ने 20 जुलाई से 25 अगस्त तक 5.61 करोड़ रुपये मूल्य के 11.73 लाख किलोग्राम संदिग्ध खाद्य पदार्थों को जब्त किया, जिसमें 25 घी ब्रांड और नागपुर के 166 किलोग्राम मिल्क केक शामिल हैं।
मध्य प्रदेश खाद्य सुरक्षा विभाग ने 20 जुलाई से शुरू हुए पाँच हफ्ते के दौरान बड़े पैमाने पर मिलावट वाले खाद्य पदार्थों की जब्ती की। लगभग 11.73 लाख किलोग्राम संदिग्ध माल, जिसकी कीमत लगभग 5.61 करोड़ रुपये है, जब्त किया गया।
जांच में पता चला कि 25 विभिन्न घी ब्रांडों में अनधिकृत मिलावट और घटिया वसा सामग्री पाई गई, जिससे वे सुरक्षा मानकों में फेल रहे। इसके अलावा, नागपुर से आए 166 किलोग्राम मिल्क केक के बैच में भी गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया गया।
विभाग ने संबंधित निर्माताओं और वितरकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और जब्त माल को निगरानी में नष्ट किया जाएगा। अधिकारी बताते हैं कि यह कार्रवाई त्योहारी सीजन से पहले उपभोक्ताओं को स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने के लिए की गई है।
अधिकारी यह भी कहते हैं कि विभिन्न जिलों में समन्वित छापेमारी राज्य की खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम को लागू करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, विशेषकर जब मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ती है।
यह बड़ी जब्ती भारत में खाद्य धोखाधड़ी को रोकने की निरंतर चुनौती को उजागर करती है और निर्माताओं को चेतावनी देती है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी सजा मिलेगी।
जांच में पता चला कि 25 विभिन्न घी ब्रांडों में अनधिकृत मिलावट और घटिया वसा सामग्री पाई गई, जिससे वे सुरक्षा मानकों में फेल रहे। इसके अलावा, नागपुर से आए 166 किलोग्राम मिल्क केक के बैच में भी गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया गया।
विभाग ने संबंधित निर्माताओं और वितरकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और जब्त माल को निगरानी में नष्ट किया जाएगा। अधिकारी बताते हैं कि यह कार्रवाई त्योहारी सीजन से पहले उपभोक्ताओं को स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने के लिए की गई है।
अधिकारी यह भी कहते हैं कि विभिन्न जिलों में समन्वित छापेमारी राज्य की खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम को लागू करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, विशेषकर जब मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ती है।
यह बड़ी जब्ती भारत में खाद्य धोखाधड़ी को रोकने की निरंतर चुनौती को उजागर करती है और निर्माताओं को चेतावनी देती है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी सजा मिलेगी।