📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohan Pawar
अपराध
एमपी के सीएम ने ग्वालियर हादसे के बाद झांसी रोड के सीएसपी को हटाया, आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 18 अक्टू. 2026, 01:31 PM
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ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए भयंकर सड़क हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झांसी रोड के सीएसपी को हटाया और आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया।
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास झांसी रोड पर हुए घातक सड़क हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने त्वरित अनुशासनात्मक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस महकमे को बुलाकर झांसी रोड के सीएसपी को हटाने का आदेश दिया। साथ ही, दुर्घटना में शामिल आठ पुलिसकर्मियों को आगे की जांच के दौरान निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई कानून प्रवर्तन में चूक को लेकर सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया को दर्शाती है। दुर्घटना के कारणों की पूरी जांच चल रही है और सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की योजना बनाई जा रही है।
निलंबित अधिकारियों में वरिष्ठ कांस्टेबल और उपनिरीक्षक शामिल हैं, जिनकी निलंबन अस्थायी है और आगे की औपचारिक जांच के बाद ही अंतिम निर्णय होगा। सीएसपी का हटाना तुरंत प्रभावी है, और एक वरिष्ठ अधिकारी को अस्थायी रूप से जिम्मेदारी सौंपा गया है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे जांच में सहयोग दें और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ट्रैफ़िक नियमों का पालन करें।
राज्य के अधिकारी ग्वालियर हादसे को एक चेतावनी के रूप में देखते हुए पूरे मध्य प्रदेश में ट्रैफ़िक प्रवर्तन तंत्र की समीक्षा का वादा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि जांच के परिणामों के आधार पर अतिरिक्त संकेतक, गति नियंत्रण उपकरण आदि स्थापित किए जाएंगे।
निलंबित अधिकारियों में वरिष्ठ कांस्टेबल और उपनिरीक्षक शामिल हैं, जिनकी निलंबन अस्थायी है और आगे की औपचारिक जांच के बाद ही अंतिम निर्णय होगा। सीएसपी का हटाना तुरंत प्रभावी है, और एक वरिष्ठ अधिकारी को अस्थायी रूप से जिम्मेदारी सौंपा गया है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे जांच में सहयोग दें और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ट्रैफ़िक नियमों का पालन करें।
राज्य के अधिकारी ग्वालियर हादसे को एक चेतावनी के रूप में देखते हुए पूरे मध्य प्रदेश में ट्रैफ़िक प्रवर्तन तंत्र की समीक्षा का वादा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि जांच के परिणामों के आधार पर अतिरिक्त संकेतक, गति नियंत्रण उपकरण आदि स्थापित किए जाएंगे।