📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Infofare
सरकारी योजना
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने मैहर में लाड़ली बहनों को 39वीं किस्त दी
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 19 अग. 2026, 08:47 PM
👁 2
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मैहर की यात्रा कर लाड़ली बहनों को 39वीं किस्त दी, जिससे लड़कियों के आर्थिक समर्थन में राज्य की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मैहर की यात्रा कर लाड़ली बहनों को 39वीं किस्त वितरित की, जिससे लड़कियों के आर्थिक समर्थन में राज्य की प्रतिबद्धता दोहराई गई। यह वितरण राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे लाड़ली योजना के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य बेटी वाले परिवारों को नियमित नकद सहायता प्रदान करना है।
लाड़ली योजना के तहत प्रत्येक वर्ष कई किस्तें वितरित की जाती हैं, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसे खर्चों को कवर किया जा सके। 39वीं किस्त का वितरण इस बहु‑वर्षीय योजना के निरंतर कार्यान्वयन का संकेत है, जो अब तक हजारों परिवारों तक पहुँच चुका है।
समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि इस निधि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य देखभाल और व्यावसायिक प्रशिक्षण में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन से भविष्य में भी समय पर किस्तें पहुँचाने और योजना की कवरेज में किसी भी कमी को दूर करने का आग्रह किया।
मैहर में यह वितरण राज्य की इस दिशा में उठाए गए कदमों को दर्शाता है कि कैसे दूरदराज के क्षेत्रों में सीधे लाभार्थियों तक सहायता पहुँचाई जा रही है, जिससे उन्हें लंबी दूरी तय करके नकद प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं रहती।
लाड़ली योजना के तहत प्रत्येक वर्ष कई किस्तें वितरित की जाती हैं, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसे खर्चों को कवर किया जा सके। 39वीं किस्त का वितरण इस बहु‑वर्षीय योजना के निरंतर कार्यान्वयन का संकेत है, जो अब तक हजारों परिवारों तक पहुँच चुका है।
समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि इस निधि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य देखभाल और व्यावसायिक प्रशिक्षण में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन से भविष्य में भी समय पर किस्तें पहुँचाने और योजना की कवरेज में किसी भी कमी को दूर करने का आग्रह किया।
मैहर में यह वितरण राज्य की इस दिशा में उठाए गए कदमों को दर्शाता है कि कैसे दूरदराज के क्षेत्रों में सीधे लाभार्थियों तक सहायता पहुँचाई जा रही है, जिससे उन्हें लंबी दूरी तय करके नकद प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं रहती।